E-Jagriti Portal: हॉस्पिटल का 8 लाख का बिल और इंश्योरेंस कंपनी की मनमानी, फिर ई-जागृति पोर्टल ने ऐसे बदला खेल

जानिए कैसे ई-जागृति पोर्टल आम जनता के लिए वरदान साबित हो रहा है. कंपनी की सर्विस देने में मनमानी अब नही चलेगी. सरकार का ये पोर्टल ग्राहकों की लगातार मदद कर रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

E-Jagriti Portal: ऐसा कितनी बार देखने को मिल है कि जब लोग मुसीबत में होते हैं और अस्पताल के भारी-भरकम बिलों का पेमेंट करने के लिए अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी पर भरोसा करते हैं, तो बीमा कंपनियां प्री-एग्जिस्टिंग इलनेस यानी पुरानी बीमारी का हवाला देकर क्लेम रिजेक्ट कर देती हैं. एक तो उस समय दिमाग टेंशन में होता है और फिर कंपनियों के ये तरीके सारे रास्ते बंद ही कर देते हैं. पर अब सरकार के ई-जागृति पोर्टल के जरिए इन समस्याओं से बचा जा सकता है. दरअसल पंजाब के गुरदासपुर से एक ऐसी स्टोरी सामने आई है, जहां कंज्यूमर ने सरकारी पोर्टल ई-जागृति (e-Jagriti) की मदद से बीमा कंपनी को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया.

क्या था पूरा मामला?

पंजाब के गुरदासपुर जिले की एक महिला ने अपने परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी. वो समय पर प्रीमियम का पेमेंट और पॉलिसी का रिन्यूअल भी कराती रहीं. मुसीबत तब आई जब उनके पति को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. इलाज के दौरान अस्पताल का कुल खर्चा 7,20,000 आया और पेसमेकर बदलने में 60 हजार अलग से लगे. इसके बाद जब उन्होंने कैशलेस और रिइम्बर्समेंट के लिए क्लेम किया, तो बीमा कंपनी ने उसे बार-बार रिजेक्ट कर दिया. कंपनी का कहना था कि ये बीमारी पॉलिसी लेने से पहले की थी.

ई-जागृति ने कैसे दिलाई जीत?

इसके बाद उन्होंने डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन, गुरदासपुर में शिकायत दर्ज कराई. जहां ई-जागृति पोर्टल के जरिए इस मामले की जांच की गई. फिर आयोग ने अपना फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को कड़ी फटकार लगाई. आयोग ने माना कि बिना उचित जांच के क्लेम खारिज करना गलत है. आयोग ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी 45 दिनों के अंदर सारा क्लेम दे. अगर देरी हुई तो शिकायत की तारीख से 9% सालाना ब्याज भी देना होगा.

Advertisement

what is e jagriti portal

ई-जागृति पोर्टल क्या है?

अब हम आपको बताते हैं कि ये ई-जागृति पोर्टल क्या है. कैसे ये आपकी परेशानी में मदद करता है. दरअसल ये पोर्टल उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की एक डिजिटल पहल है. इसे इसलिए लाया गया कि अदालतों में केस फाइल करने की प्रोसेस को आसान और तेज बनाया जाए. ये पोर्टल जागो ग्राहक जागो अभियान का एक हिस्सा है.

पोर्टल की खास बातें

  • इसके जरिए आपको अब फाइलों का ढेर लगाने की जरूरत नहीं है. शिकायत से लेकर दस्तावेजों तक सब कुछ ऑनलाइन जमा होता है.
  • कंज्यूमर अपनी शिकायत खुद दर्ज कर सकते हैं. इसमें किसी महंगे वकील की जरूरत नहीं होती.
  • 24/7 ये पोर्टल मदद के लिए खुला हुआ है.
  • केस की स्थिति क्या है, अगली तारीख कब है, इसकी जानकारी सीधे आपके एसएमएस और ईमेल पर मिलती रहती है.

शिकायत के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स

  • आधार कार्ड या दूसरी सरकारी आईडी.
  • सामान खरीदने या सेवा लेने का पक्का बिल.
  • इंश्योरेंस के मामले में पॉलिसी की कॉपी.
  • कंपनी को लिखे ईमेल या लेटर की कॉपी जिसमें पहले शिकायत की हो.
  • रिजेक्शन लेटर या अस्पताल की रिपोर्ट.

ये भी पढ़ें: Income Tax Act 2025: बदल गई आपकी जेब की दुनिया, जानें सैलरी से लेकर कार तक क्या हुआ महंगा

Advertisement

ये भी पढ़ें: Bank Holidays in April: अप्रैल में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक, छुट्टियों की लंबी लिस्ट देख कर ही घर से निकलें

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Iran Israel War:ईरानी ड्रोन ने Trump के पसीने छुड़ाए! Bharat Ki Baat Batata Hoon |NATO