वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026 का बजट पेश किया. वित्तमंत्री ने बजट को 'विकास के साथ, प्रगति की राह' बताते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य आकांक्षाओं को उपलब्धियों में बदलना और क्षमताओं को प्रदर्शन में बदलना है, क्योंकि हम सुनिश्चित करते हैं कि विकास का लाभ प्रत्येक किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतुओं, युवाओं और गरीबों तथा महिलाओं तक पहुंचे. इस आधार पर सरकार ने बजट में सबके लिए कुछ न कुछ करने की कोशिश की है. इस बजट में उन राज्यों का विशेष ख्याल रखा गया है, जिनमें इस साल चुनाव होने हैं. इस साल असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं. इनमें असम और पुडुचेरी को छोड़कर बाकी के सभी राज्यों में बीजेपी की सरकार है.
सात में से तीन हाई स्पीड रेल कॉरिडोर चुनावी राज्यों में
वित्त मंत्री ने सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है. ये हाई स्पीड कॉरिडोर पुणे-मुंबई, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, बेंगलुरु-चेन्नई, हैदराबाद-चेन्नई, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच बनाए जाएंगे. इसका मकसद टीयर-2 शहरों को टीयर-3 शहरों से जोड़ना है. मोदी सरकार की कोशिश रेल यात्रा को हवाई यात्रा का विकल्प बनाते हुए उसे और अधिक आरामदायक बनाना है. इन सात कॉरिडोर में से तीन का संबंध चुनाव वाले राज्यों हैं. बेंगलुरु-चेन्नई और हैदराबाद-चेन्नई का संबंध तमिलनाडु से है. वहीं वाराणसी से सिलीगुड़ी कॉरिडोर का संबंध पश्चिम बंगाल से है, जहां इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं.
केरल और तमिलनाडु के कोकोनट उत्पादकों का फायदा
वित्तमंत्री ने बजट भाषण में घोषणा की कि सरकार ने नारियल के उत्पादन को बढ़ाने और उत्पादकता सुधारने के लिए विशेष योजना का ऐलान किया है. इसके तहत प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में पुराने पेड़ों को हटाकर नई और बेहतर किस्म के पौधे लगाए जाएंगे.उन्होंने काजू और कोको के लिए भी अलग से कार्यक्रम का ऐलान किया. इनका मकसद कच्चे काजू और कोको उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है. इसका लाभ केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों को अधिक मिलेगा. कोकोनट बोर्ड के 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार कोकोनट उत्पादन में केरल पहले और तमिलनाडु तीसरे नंबर का राज्य है. वहीं कोकोनट के उत्पादन में दुनिया में भारत का स्थान तीसरा है. भारत से अधिक कोकोनट फिलीपींस और इंडोनेशिया करते हैं.
असम को मिला यूरिया कारखाना
सरकार ने चुनावी राज्य असम में एक यूरिया कारखाना लगाने की घोषणा की है. इस कारखाने की उत्पादन क्षमता 12.7 लाख मीट्रिक टन सालाना होगी.यूरिया का नया कारखाना असम के नामरूप में लगाया जाएगा. वित्तमंत्री ने बताया कि यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए सरकार ने पूर्वी क्षेत्र में निष्क्रिय पड़े तीन यूरिया कारखानों को फिर से शुरू किया है.
रेयर अर्थ मिनरल्स का खनन और ट्रांसपोर्टेशन
भारत आज दुनिया में बहुत कीमती माने जाने वाले रेयर अर्थ मिनरल्स पर चीन पर बहुत हद तक निर्भर है. सरकार ने चीन पर निर्भरता कम करने के लिए कदम उठाए हैं. सरकार ने खनिज से परिपूर्ण चार राज्यों में डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है. जिसमें ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु शामिल हैं. इन कॉरिडोर से खनन (माइनिंग), प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,''नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट की स्कीम शुरू की गई थी. अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों को डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने में मदद करेंगे.'' उन्होंने कहा कि इससे आत्मनिर्भर भारत बनेगा, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस जैसे सेक्टर मजबूत होंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. सरकार ने ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में डेडिकेटेड मिनरल पार्क बनाने की भी घोषणा की है.इसके अलावा सरकार प्रचुर खनिज वाले इलाकों,औद्योगिक केंद्रों और पत्तनों को जोड़ने के लि 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू करने की घोषण की है.
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