Stock Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन 'ब्लैक थर्सडे' जैसा साबित हो रहा है. गुरुवार, 23 अप्रैल को सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स (Sensex) करीब 762 अंक गिरकर 77,753 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी (Nifty) भी 207 अंकों की गिरावट के साथ 24,169 के करीब ट्रेड कर रहा है.कल की गिरावट के बाद आज प्री-ओपनिंग (Pre-opening) से ही बाजार पर दबाव दिख रहा था, जो बाजार खुलते ही एक बड़ी गिरावट में बदल गया.
आपको बता दें कि बाजार में यह गिरावट कल यानी बुधवार से ही जारी है. बीते दिन भी सेंसेक्स करीब 757 अंक और निफ्टी 198 अंक टूटकर बंद हुआ था. आज की गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि सेंसेक्स अब अपने सपोर्ट लेवल से नीचे खिसक गया है.
कंज्यूमर सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली
शुरुआती कारोबार में बाजार में कंज्यूमर सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई.जिसकी वजह से निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स टॉप लूजर था. इसके अलावा, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी आईटी और निफ्टी रियल्टी भी लाल निशान में थे. वहीं, निफ्टी फार्मा, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी पीएसई हरे निशान में थे.
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी मिलाजुला कारोबार हो रहा था. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 166 अंक या 0.28 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 60,035 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 7 अंक की मामूली तेजी के साथ 17,832 पर था.
पावर ग्रिड और सन फार्मा के शेयरों में तेजी
सेंसेक्स पर लिस्टेड शेयरों में एमएंडएम, इंडिगो, इटरनल, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट और टाटा स्टील लूजर्स थे. वहीं, पावर ग्रिड और सन फार्मा गेनर्स थे.
क्यों आई बाजार में यह सुनामी? ये हैं गिरावट की बड़ी वजह
बाजार में मची इस अफरा-तफरी के पीछे मुख्य रूप से ग्लोबल फैक्टर्स का हाथ है...
1.ईरान-अमेरिका तनाव (Iran-US Tension)
ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की उम्मीदें खत्म होती दिख रही हैं. दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ गया है, जिससे ग्लोबल इन्वेस्टर्स डरे हुए हैं.
2. Strait of Hormuz की टेंशन
ईरान की ओर से 'होर्मुज स्ट्रेट' को बंद करने और वहां जहाजों को जब्त करने की खबरों ने आग में घी का काम किया है. यह रास्ता ग्लोबल ऑयल सप्लाई के लिए बेहद जरूरी है.
3. कच्चे तेल की कीमतों में उबाल
खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil) आसमान छू रही हैं. ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के पार बना हुआ है. भारत के लिए महंगा तेल हमेशा से इकोनॉमी और बाजार के लिए बुरी खबर रही है.
एशियाई बाजारों में गिरावट
भारत ही नहीं, बल्कि जापान (Tokyo), हॉन्गकॉन्ग और शंघाई जैसे बड़े एशियाई बाजारों में भी आज भारी बिकवाली देखी जा रही है. टोक्यो, बैंकॉक, सोल, जकार्ता, हांगकांग और शंघाई लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. बुधवार को अमेरिकी बाजार तेजी के साथ बंद हुए. डाओ जोन्स 0.69 प्रतिशत और नैस्डैक 1.64 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ.














