Share Market Outlook: शेयर मार्केट के लिए नए हफ्ते की शुरूआत हो रही है. जंग के माहौल के बीच सभी निवेशक यही उम्मीद कर रहे होंगे कि इस हफ्ते मार्केट अपने पुराने अंदाज में नजर आए. पिछला हफ्ता बाजार के लिए मिला-जुला रहा. उठापटक का दौर कम देखा गया. लेकिन सभी के मन में ये सवाल है कि आने वाले 5 सेशन राहत भरी खबर ले कर आएंगे या फिर गिरावट का दौर जारी रहेगा. अगर आप स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने की सोच रहे हैं तो जरा इस खबर में बताए गए उन 5 फैक्टर्स के बारे में जान लीजिए, जो हो सकता है मार्केट की दिशा तय करने में अहम योगदान दें.
तिमाही के नतीजों का असर
तमाम कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे आ रहे हैं. रिलायंस, इंफोसिस, टाटा मोटर्स जैसी बड़ी कंपनियों पर निवेशक अपनी नजर जमाए बैठे हैं. अगर रिजल्ट उम्मीद से बेहतर रहते हैं तो मार्केट में शॉर्ट कवरिंग की वजह से एक जंप देखने को मिल सकता है. उसके उलट अगर नतीजे कमजोर रहे तो एक बार फिर लाल निशान मार्केट पर छा जाएगा.
अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि सोमवार को पाकिस्तान में ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत होगी. इस पर दुनियाभर के निवेशकों की नजर जमी होंगी. अगर टेंशन कुछ कम होती है, बात कहीं ना कहीं बनती दिखती है तो मार्केट में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है. अगर फिर से पहले दौर के जैसे बातचीत बेनतीजा रही तो फिर सुस्ती का माहौल बाजार में छा जाएगा.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
पिछले कुछ दिनों से क्रूड ऑयल के दाम नीचे आए हैं. WTI ऑयल करीब 10 फीसदी सस्ता होकर 85 डॉलर प्रति बैरल ट्रेड कर रहा है. इससे भारते के इंपोर्ट बिल में कमी आएगी. महंगाई पर लगाम लगेगी. यानी पेंट, टायर और एविएशन सेक्टर की कंपनियां अच्छा कारोबार करती हुईं दिख सकती हैं.
सोने-चांदी में लौटी तेजी
पिछले हफ्ते एमसीएक्स पर सोने-चांदी की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली है. यानी निवेशक अभी भी मार्केट की तुलना में इन कीमती धातुओं में निवेश करना सेफ मान रहे हैं. बुलियन मार्केट का ऊपर जाना सेंसेक्स और निफ्टी के लिए खतरे की घंटी के जैसे है.
विदेशी निवेशकों का पैसा निकालना लगातार जारी
जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच विदेशी निवेशक लगातार भारतीय मार्केट से पैसा बाहर ले जा रहे हैं. अप्रैल के महीने में ही भारत के डेट मार्केट से विदेशी निवेशकों ने करीब 1 अरब डॉलर निकाल लिए हैं. इसलिए एक्सपर्ट भी कह रहे हैं कि जब तक विदेशी निवेशकों की मार्केट में वापसी नहीं होती, तब तक बड़ी तेजी की उम्मीद करना मुश्किल है.
कैसा रहा आखिरी हफ्ता
मार्केट कैप के हिसाब से पिछले हफ्ता मार्केट के लिए कुछ खास नहीं रहा. सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1.5% से 2% तक की गिरावट आई. मार्केट कैप लगभग 5 लाख करोड़ रुपये से कम हो गया. आईटी के साथ बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा प्रेशर में दिखाई दिए. हालांकि फार्मा और कुछ पब्लिक सेक्टर कंपनियों ने बाजार को संभाला.














