हर्षा रिछारिया संन्यास: पहले ‘दुल्हन’, फिर बनीं साध्वी हर्षानंद गिरि, जन्म से पिंडदान तक की पूरी कहानी
Madhya Pradesh Chhattisgarh
Updated: Apr 19, 2026
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- हर्षा रिछारिया ने 19 अप्रैल 2026 को उज्जैन के मंगलनाथ गंगाघाट पर पंचायती निरंजनी अखाड़ा से संन्यास ग्रहण किया
- दीक्षा के बाद उन् हें नया नाम हर्षानंद गिरि मिला और उन्होंने शिखा तथा दंड का त्याग किया
- हर्षा का जन्म 26 मार्च 1994 को झांसी जिले के मऊरानीपुर में हुआ और बाद में परिवार भोपाल में बस गया
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