Restaurant Food Price Hike : अगर आप इस वीकेंड बाहर डिनर करने या फैमिली के साथ होटल जाने या ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने की प्लानिंग कर रहे हैं,तो आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है . पश्चिम एशिया (West Asia) में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का सीधा असर अब आपकी पसंदीदा डिश और रेस्टोरेंट के बिलों पर दिखने लगा है. बढ़ते खर्चों और कमर्शियल गैस सिलेंडर की आसमान छूती कीमतों की वजह से होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री भारी दबाव में है और जल्द ही मेन्यू की कीमतों में इजाफा हो सकता है.
होटल और रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि लागत इतनी बढ़ गई है कि अब उनके पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है.आइए जानते हैं, आखिर बाहर खाना क्यों महंगा होने जा रहा है और आपकी जेब पर कितना असर होने जा रहा है.
ऑपरेटिंग कॉस्ट में 20% का भारी उछाल, होटल मालिक परेशान
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया (HRAWI) के मुताबिक, फरवरी के आखिर से चल रहे युद्ध की वजह से रेस्टोरेंट चलाना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है. इस युद्ध की वजह से ईंधन और बाकी जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं. जिससे ऑपरेटिंग खर्चों में करीब 20% की बढ़ोतरी हो गई है.
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों ने बिगाड़ा बजट
रेस्टोरेंट मालिकों के लिए सबसे बड़ा झटका सरकारी तेल कंपनियों ने दिया है. 1 अप्रैल से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में ₹195.50 की बड़ी बढ़ोतरी की गई है. दिल्ली में अब एक 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम ₹2,078.50 , जबकि कोलकाता में यह ₹2,208 तक पहुंच गए हैं.. मुंबई में भी करीब ₹196 की बढ़ोतरी दर्ज की गई हैऔर चेन्नई में ₹203 की बढ़ोतरी हुई है.
कमर्शियल गैस महंगी होने का सीधा मतलब है कि अब रेस्टोरेंट में मिलने वाले खाने की कीमतें भी बढ़ेंगी.राहत की बात सिर्फ इतनी है कि घर में इस्तेमाल होने वाले (14.2 किलो) सिलेंडर के दाम फिलहाल नहीं बढ़े हैं.
लाइसेंस फीस और सप्लाई की किल्लत
सिर्फ गैस की कीमतें ही नहीं बढ़ी हैं, बल्कि गैस की सप्लाई में भी किल्लत देखी जा रही है जिसने रेस्टोरेंट मालिकों की मुसीबत बढ़ा दी है. एसोसिएशन ने सरकार से राहत की मांग की है और लाइसेंस फीस जमा करने की डेडलाइन बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया है.इसके साथ ही आसान किस्तों की मांग की है. गैस की कमी और सप्लाई की दिक्कतों की वजह से कई रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि मुनाफे का मार्जिन अब खत्म होता जा रहा है, इसलिए ग्राहकों से ज्यादा पैसे वसूलना अब मजबूरी बन गया है.कई छोटे रेस्टोरेंट्स को अपने मेन्यू छोटे करने पड़े हैं और काम के घंटे भी घटाने पड़ रहे हैं.
छोटे रेस्टोरेंट्स और डिलीवरी आउटलेट्स पर सबसे ज्यादा असर
बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो कीमतों में यह उछाल लंबे समय तक बना रह सकता है. बड़े होटल चेन तो शायद कुछ वक्त तक इस बोझ को सह लें, लेकिन आपके पड़ोस के छोटे रेस्टोरेंट्स, टेक-अवे जॉइंट्स और क्लाउड किचन पर इसकी सबसे ज्यादा मार पड़ रही है. ऐसे में मेन्यू की कीमतों में बढ़ोतरी होना अब तय माना जा रहा है.
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