Pakistan Stock Market Crash News: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बढ़ती टेंशन ने पाकिस्तानी स्टॉक मार्केट की कमर तोड़ दी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी के कड़े आदेश के बाद पाकिस्तान का शेयर बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया. कराची स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क KSE इंडेक्स देखते ही देखते 7000 अंकों से के करीब गिर गया. मार्केट बंद होने तक केएसई में लगभग 4 फीसदी की गिरावट देखी गई. 6464 अंकों की कमी के साथ पाकिस्तान का मार्केट160,726 अंकों पर बंद हुआ. इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों के अरबों रुपये डूबा दिए.
आखिर क्यों घबराया पाकिस्तान?
पाकिस्तान और ईरान के बीच बड़ा व्यापारिक रिश्ता है. पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों और कई जरूरी सामानों के लिए ईरान पर निर्भर रहता है. ट्रंप के इस फैसले का मतलब है कि ईरान के साथ होने वाला बिजनेस पूरी तरह ठप हो सकता है. पाकिस्तान पहले से ही बिजली और गैस की किल्लत से जूझ रहा है. ईरान पर अमेरिका के इस फैसले का सीधा असर पाकिस्तान की पाइपलाइन परियोजनाओं और सस्ते ईंधन पर पड़ेगा. सप्लाई चेन टूटने से पाकिस्तान में रोजमर्रा की चीजों के दाम आसमान छू सकते हैं. ट्रंप की इस पॉलिसी को देखते हुए विदेशी निवेशकों ने पाकिस्तान के बाजारों से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया है.
पाकिस्तान की हालत पहले से खस्ता
पाकिस्तान पहले से ही IMF के कर्ज तले दबा हुआ है. ऐसे में शेयर बाजार का ये क्रैश पाकिस्तानी रुपये की कीमत को और नीचे गिरा सकता है. अगर बाजार जल्दी नहीं संभला, तो पाकिस्तान में विदेशी मुद्रा भंडार का संकट और गहरा हो जाएगा.
क्या बोले एक्सपर्ट्स?
मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि ये केवल एक शुरुआत हो सकती है. अगर ईरान और अमेरिका के बीच टेंशन वापस से एक युद्ध का रूप लेती है तो पाकिस्तान के लिए स्थिति और भी खराब हो सकती है. हालांकि एक बात तो साफ है कि ट्रंप के इस फैसले ने ये साफ कर दिया कि आने वाले समय में वैश्विक बाजार में बड़ी उथल-पुथल होने वाली है.
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