ब्रिटेन ने 40 से अधिक देशों को आमंत्रित किया है, जो नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के लक्ष्य को साझा करते हैं फ्रांस और ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि वे अमेरिकी नाकाबंदी योजना का हिस्सा नहीं होंगे और अलग रणनीति बनाएंगे अमेरिका को उम्मीद के विपरीत नाटो देशों का समर्थन नहीं मिला, जिससे ईरान को दबाव कम होने का मौका मिला है