OPS vs NPS: ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली पर सरकार का बड़ा बयान,69 लाख पेंशनर्स को मिल रहा OPS का फायदा, पेमेंट में देरी को लेकर कही ये बात

OPS vs NPS: अक्सर कर्मचारी यूनियनों द्वारा यह चिंता जताई जाती है कि NPS में पेमेंट का प्रोसेस जटिल है. सरकार ने साफ किया है कि पिछले तीन साल में NPS के तहत पेंशन पेमेंट में देरी की कोई शिकायत सामने नहीं आई है.

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Old Pension Scheme: बता दें कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और झारखंड जैसे राज्य पहले ही OPS में वापस लौटने का फैसला कर चुके हैं.

ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली को लेकर देशभर में लगातार मांग उठ रही है. इसी बीच केंद्र सरकार ने संसद में एक बार फिर अपना रुख साफ कर दिया है. राज्यसभा में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने आंकड़ों के जरिए बताया कि फिलहाल देश में पेंशन सिस्टम का क्या हाल है.सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, आज भी केंद्र सरकार के करीब 69 लाख पेंशनर्स OPS का फायदा उठा रहे हैं, वहीं NPS में सिर्फ करीब 50 हजार पेंशनर्स हैं.

सरकार ने यह भी बताया कि क्या NPS के पेमेंट में कोई देरी हो रही है या नहीं. यहां जानिए ओल्ड पेंशन, एनपीएस और यूपीएस (UPS) स्कीम को लेकर सरकार ने संसद में क्या बड़ी बातें कही हैं...

देश में कितने पेंशनर्स OPS और NPS में?

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में जानकारी दी कि केंद्र सरकार में करीब 50.14 लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं.लेकिन रिटायर्ड कर्मचारियों  यानी पेंशनर्स की बात करें तो बड़ा अंतर देखने को मिलता है.OPS (Old Pension Scheme) पाने वाले करीब 69 लाख पेंशनर्स और NPS (National Pension System)पाने वाले सिर्फ 49,802 पेंशनर्स (31 जनवरी 2026 तक) हैं. यह बड़ा अंतर इसलिए है क्योंकि 1 जनवरी 2004 से पहले सरकारी सेवा में आए सभी कर्मचारी OPS के हकदार हैं, जबकि उसके बाद भर्ती होने वाले लोग NPS के दायरे में आते हैं.

क्या NPS के पेमेंट में हो रही है देरी? सरकार का जवाब

अक्सर कर्मचारी यूनियनों द्वारा यह चिंता जताई जाती है कि NPS में पेमेंट का प्रोसेस जटिल है. सरकार ने साफ किया है कि पिछले तीन साल में NPS के तहत पेंशन पेमेंट में देरी की कोई शिकायत सामने नहीं आई है. वित्त मंत्रालय और पेंशन रेगुलेटर (PFRDA) के पास भी ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं है कि एन्युटी सर्विस प्रोवाइडर की तरफ से पेंशन देने में देरी हुई हो.

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OPS की बहाली पर सरकार ने क्या कहा?

कई राज्यों और कर्मचारी यूनियनों की तरफ से OPS वापस लागू करने की मांग तेज है.इस पर केंद्र सरकार ने कहा है कि राज्य सरकारों के कर्मचारियों के लिए OPS लागू करना या नहीं करना राज्य सरकारों का फैसला है, क्योंकि यह उनके अधिकार क्षेत्र में आता है. हालांकि CAG ने चेतावनी दी है कि OPS लागू करने से राज्यों पर लंबे समय में भारी वित्तीय बोझ पड़ सकता है.

किन राज्यों ने OPS फिर से लागू किया है?

केंद्र की चिंता के बावजूद कुछ राज्यों ने OPS को फिर से लागू कर दिया है. इनमें राजस्थान,छत्तीसगढ़,हिमाचल प्रदेश,पंजाब,झारखंड शामिल हैं.इसके अलावा कुछ और राज्य भी इस पर विचार कर रहे हैं.

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OPS, NPS और UPS में क्या अंतर है?

Old Pension Scheme (OPS)

ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) में  कर्मचारी को अपनी जेब से कुछ नहीं देना पड़ता था.इसमें रिटायरमेंट के बाद तय पेंशन मिलती है, जो आमतौर पर आखिरी सैलरी का करीब 50% होती है.इसमें कर्मचारी को कोई योगदान नहीं देना पड़ता और DA भी बढ़ता रहता है.

National Pension System (NPS)

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) एक मार्केट-लिंक्ड स्कीम है.यह एक कंट्रीब्यूटरी सिस्टम है  जिसमें कर्मचारी और सरकार दोनों पैसा जमा करते हैं.रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन इस फंड के मार्केट रिटर्न पर निर्भर करती है.

Unified Pension Scheme (UPS)

कर्मचारियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए सरकार ने हाल ही में  NPS के अंदर ही यूनिफाइड पेंशन स्कीम( UPS) का ऑप्शन दिया है, इसमें NPS का स्ट्रक्चर बरकरार रखते हुए पेंशन को और अधिक प्रेडिक्टेबल यानी अनुमानित बनाने की कोशिश की गई है.

OPS vs NPS बहस अभी जारी

OPS और NPS को लेकर बहस अभी भी जारी है. एक तरफ कर्मचारी OPS की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार वित्तीय जोखिम का हवाला दे रही है. ऐसे में आने वाले समय में इस मुद्दे पर और बड़ा फैसला देखने को मिल सकता है.

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