नोएडा@50: 1,000 करोड़ का ताज, MNCs, जापानी सिटी, US-दुबई की नजर! न्‍यू नोएडा में किधर आने वाली हैं कौन-सी कंपनियां?

Noida Upcoming Projects: नोएडा@50 सीरीज की इस स्‍टोरी में जानिए टाटा, माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, HCL के बाद अब कौन-सी कंपनियों के आने से किन इलाकों में रियल एस्‍टेट डिमांड बढ़ सकती है. Experts इस पर या कहते हैं.

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Noida Upcoming Companies Investments Projects: नोएडा में भविष्य में जिधर बहुत सारी नेशनल-इंटरनेशनल कंपनियां आने वाली हैं, उधर जमीन-फ्लैट्स के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं.

Noida 50 Years Anniversary: नोएडा को लंबे समय से राजधानी दिल्‍ली के एक्‍सटेंशन के तौर पर देखा जाता रहा है, लेकिन इसने बहुत कम समय में अपना एक अलग अस्तित्‍व बनाया है. ये एक महानगर के तौर पर डेवलप हुआ है. यूं ही नहीं नोएडा को उत्तर प्रदेश की 'नाक' कहा जाता है. नोएड का यूपी के राजस्‍व में 25 फीसदी और GDP में 10 फीसदी का योगदान है तो इसके पीछे जाहिर तौर पर तेजी से होता औद्योगिक विकास ही है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मौजूदा समय में सैकड़ों नेशनल और मल्‍टीनेशनल कंपनियां हैं. नोएडा सेक्‍टर 1-8 से लेकर NSEZ यानी नोएडा स्‍पेशल इकोनॉमिक जोन तक और नोएडा सेक्‍टर 62, 98, 132, 145 और उससे भी आगे तक दुनियाभर की कई कंपनियों ने यहां डेरा डाल रखा है. 100 से ज्‍यादा कंपनियां तो शुरू ही यहीं से हुईं. इन सैकड़ों कंपनियों ने लाखों रोजगार भी पैदा किए हैं. यानी उन लाखों घरों का चूल्‍हा औद्योगिक शहर नोएडा की बदौलत ही जलता है. हो सकता है, आप या आपके भाई-बंधु-मित्र भी उनमें से एक हों. 

नोएडा के 50 वर्ष पूरे होने पर NDTV ने 'नोएडा@50' ब्रैंड से जो खास सीरीज पेश की है, उसी कड़ी में यहां हम बात करने वाले हैं- नोएडा के औद्योगिक विकास की. जानेंगे कि यहां मौजूदा समय में कैसी-कैसी कंपनियां काम कर रही हैं और उससे भी महत्‍वपूर्ण ये कि आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ते नोएडा में किस ओर, कहां, कौन-सी कंपनियां आने वाली हैं. 

IT कंपनियां, डेटा सेंटर, AI हब... क्‍या नहीं है नोएडा में!

यमुना और हिंडन के बीच जो इलाका 5 दशक पहले तक वीरान था, वो निवेश और रोजगार का बहुत बड़ा केंद्र बन चुका है. नोएडा न सिर्फ यूपी का 'शो विंडो' बन चुका है, बल्कि देश-दुनिया के निवेशकों के लिए बेहद भरोसेमंद डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है.

कोवर्कजेन (CoWorkZen) के फाउंडर और सीईओ विशाल दत्त वाधवा कहते हैं, 'नोएडा की नीतियों और प्‍लानिंग के भरोसे ने निवेश को आकर्षित किया. 1997 में एलजी (LG) ने ग्रेटर नोएडा में कदम रखा और सैमसंग (Samsung) ने यहां दुनिया की सबसे बड़ी सुविधाओं में से एक स्थापित की. इसके बाद माइक्रोसॉफ्ट, HCL, एडोब, टेक महिंद्रा, सिफी और बार्कलेज जैसी कंपनियों ने इसे एक टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में बदल दिया.'

कई कंपनियों ने यहां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और रिसर्च सेंटर भी स्थापित किए हैं. अदाणी जैसे बड़े ग्रुप का भी यहां निवेश है. रियल एस्‍टेट की तो तमाम दिग्‍गज कंपनियां यहां फैली हुई हैं.

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  • सेक्टर-145 में MAQ Software का सेंटर शुरू 
  • 500 करोड़ निवेश और 6000 रोजगार 
  • सेक्टर-132 और 145 में डेटा सेंटर और माइक्रोसॉफ्ट प्रोजेक्ट 
  • 2000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली परियोजनाएं 
  • सेक्टर-153 को IT के लिए रिजर्व किया गया 

50 सालों में नोएडा ने खुद को एक मजबूत कमर्शियल हब के रूप में साबित किया है. बिगटेक के प्रेसिडेंट (बिजनेस डेवलपमेंट एंड ऑपरेशन्स) आजाद अहमद लोन कहते हैं कि बेहतर कनेक्टिविटी, तैयार ऑफिस स्पेस और लगातार विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए बड़ा आकर्षण बन गया है.

उन्‍होंने आगे कहा, 'खासकर नोएडा एक्सप्रेसवे और आसपास के इलाकों में कंपनियों की मौजूदगी तेजी से बढ़ी है. आने वाले समय में टेक कंपनियों, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के विस्तार के साथ नोएडा का कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर और मजबूत होगा, जिससे यह देश के प्रमुख बिजनेस डेस्टिनेशन में अपनी जगह और पक्की करेगा.'

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मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का ‘हब'

नोएडा और ग्रेटर नोएडा आज देश के बड़े मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में से एक के रूप में तेजी से उभर रहे हैं. देश में बनने वाले मोबाइल फोन का बड़ा हिस्सा नोएडा में तैयार हो रहा है. बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों की यूनिट्स पहले से संचालित हैं. मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग ने नोएडा को 'मेक इन इंडिया' का मजबूत केंद्र बना दिया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिला है. एक्सपोर्ट बढ़ाने में भी यह क्षेत्र अहम भूमिका निभा रहा है और हजारों युवाओं को रोजगार देने में सक्षम हुआ है.

अब तक और मौजूदा कंपनियों की बात करेंगे तो लंबा वक्‍त निकल जाएगा. फिलहाल भविष्‍य की बात कर लेते हैं. ये समझ लेते हैं कि आने वाले कल में नोएडा में कहां निवेश होंगे, कहां कौन-सी कंपनियां आने वाली हैं.  

जापानी निवेश और मेडिकल डिवाइस पार्क 

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-28 में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित हो रहा है, जहां जापानी कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई है. रियल एस्‍टेट फर्म्‍स के अनुसार, यहां 6 फैसिलटी सेंटर, 13 हाइटेक लैब बनने हैं, जो अगले साल तक पूरे हो सकते हैं. इसके अलावा 500 एकड़ में जापानी इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जा रही है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और AI सेक्टर की कंपनियों को आकर्षित करेगी.

  • 6 फैसिलिटी सेंटर तैयार 
  • 13 हाईटेक लैब (गामा रेडिएशन सहित) निर्माणाधीन 
  • 2027 तक लॉन्च की तैयारी 
  • 500 एकड़ में इंडस्ट्रियल सिटी 

अंसल हाउसिंग के कुशाग्र अंसल इसको लेकर कहते हैं कि जापानी कंपनियों का आना नोएडा को इंटरनेशनल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. इससे रोजगार, इंडस्ट्री और रियल एस्टेट,तीनों सेक्टर में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा.

औद्योगिक निवेश और रिकॉर्ड रोजगार

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में निवेश का सिलसिला लगातार जारी है. इन्‍वेस्‍ट यूपी की साइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 29 कंपनियों ने 500 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का निवेश किया है, जिससे 5,000 से ज्‍यादा रोजगार पैदा हुए हैं. पिछले 2 साल में 12,443 नई कंपनियां रजिस्टर हुई हैं, जिनमें 1.23 लाख लोगों को नौकरी मिली. 

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  • 29 कंपनियों का 500 करोड़ रुपये निवेश 
  • 5000 नए रोजगार 
  • 12,443 नई कंपनियां पिछले 2 साल में रजिस्टर 
  • 1.23 लाख लोगों को नौकरी 

एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा का कहना है कि नोएडा में रोजगार की बढ़ती संभावनाएं इसे रहने के लिए सबसे आकर्षक शहर बना रही हैं. जब लोग यहां काम के लिए आते हैं, तो वे यहीं घर भी खरीदते हैं. यही कारण है कि यहां एंड-यूजर डिमांड लगातार मजबूत हो रही है.

रियल एस्टेट में विदेशी निवेश, अमेरिका-दुबई की भी एंट्री

नोएडा का रियल एस्टेट अब अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भी आकर्षित कर रहा है. अमेरिका और दुबई की कंपनियां यहां प्रीमियम और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रही हैं. नोएडा में रियल एस्टेट के क्षेत्र में देश के चुनिंदा बिल्डर ग्रुप आए है. इसके साथ ही दुबई और अमेरिका की भी कंपनियां फ्लैट बनाने के लिए नोएडा की परियोजनाओं में शामिल हो चुकी है. सोसाइटीज में अल्ट्रा लग्जरी फ्लैट की मांग भी कम नहीं है. 15 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले फ्लैटों की बुकिंग भी हो रही है. रियल एस्‍टेट में इस बूम के पीछे कई वजहें हैं- 

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CRC ग्रुप के डायरेक्टर, मार्केटिंग, सलिल कुमार का कहना है कि नोएडा का रियल एस्टेट मार्केट अब सिर्फ घरेलू निवेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ये अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भी एक मजबूत और भरोसेमंद डेस्टिनेशन बन चुका है. अमेरिका और दुबई की कंपनियों की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर, प्लानिंग और रिटर्न पोटेंशियल ग्लोबल स्टैंडर्ड पर खरा उतर रहा है. आने वाले समय में विदेशी निवेश से न केवल प्रीमियम और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में आधुनिक शहरी विकास और बेहतर लाइफस्टाइल का नया दौर शुरू होगा. 

नोएडा-129 में सबसे ऊंचा ताज होटल 

रियल एस्‍टेट सेक्‍र में पिछले दिनों एक बहुत बड़ी खबर सामने आई. जब टाटा ग्रुप और गुलशन ग्रुप ने नोएड सेक्‍टर 129 में देश का सबसे ऊंचा ताज होटल बनाने का ऐलान किया. सेक्टर-129 में 1,000 करोड़ रुपये के निवेश से देश का सबसे ऊंचा ताज होटल बनने जा रहा है. 57 मंजिला टावर होंगे, होटल में 150 के करीब कमरे होंगे. 74 ब्रैंडेड सर्विस अपार्टमेंट होंगे. इसे गुलशन ग्रुप तैयार करेगा, जबकि होटल का संचालन टाटा ग्रुप करेगा.  

ताज होटल जैसे प्रोजेक्ट्स नोएडा को इंटरनेशनल लाइफस्टाइल डेस्टिनेशन बना रहे हैं. अब यह शहर केवल काम करने की जगह नहीं, बल्कि प्रीमियम जीवनशैली के लिए भी जाना जा रहा है.

कंपनियों के आने से बढ़ रही है डिमांड  

नोएडा में बढ़ते कॉर्पोरेट निवेश और मल्टीनेशनल कंपनियों की मौजूदगी का सीधा असर अब लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट पर भी साफ दिख रहा है. शहर में हाई-राइज टावर्स, ब्रांडेड रेजिडेंस, सर्विस अपार्टमेंट्स और इंटीग्रेटेड टाउनशिप तेजी से विकसित हो रहे हैं. खासकर एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है.

बेहतर कनेक्टिविटी, मॉडर्न क्लब सुविधाएं, स्मार्ट सिक्योरिटी और ‘वर्क-लाइफ बैलेंस' को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई सोसाइटी अब खरीदारों की पहली पसंद बन रही हैं. जेवर एयरपोर्ट और इंटरनेशनल कंपनियों की एंट्री के बाद यह सेगमेंट और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, जिससे नोएडा देश के प्रमुख लग्जरी रियल एस्टेट हब के रूप में उभर रहा है.

  • नोएडा की बड़ी खासियतें
  • सिटी प्लानिंग और मॉडर्न सोसाइटी कल्चर
  • चौड़ी सड़कें, ग्रीन बेल्ट और साफ-सफाई
  • हाई-राइज सोसाइटी, सिक्योरिटी और क्लब सुविधाएं
  • 'वॉक-टू-वर्क' ट्रेंड- ऑफिस और घर के बीच कम दूरी
  • मेट्रो और एक्सप्रेसवे से बेहतरीन कनेक्टिविटी

काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर,अमित मोदी कहते हैं कि नोएडा में लग्जरी हाउसिंग अब सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ती जरूरत बन चुकी है. मल्टीनेशनल कंपनियों की एंट्री, हाई-इनकम प्रोफेशनल्स की बढ़ती संख्या और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर ने प्रीमियम लिविंग की मांग को नई ऊंचाई दी है. आज खरीदार सिर्फ घर नहीं, बल्कि वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं, स्मार्ट डिजाइन, सिक्योरिटी और लाइफस्टाइल चाहते हैं. वे उम्‍मीद जताते हैं कि जेवर एयरपोर्ट और ग्लोबल निवेश के साथ आने वाले वर्षों में नोएडा देश का सबसे बड़ा लग्जरी रियल एस्टेट हब बनकर उभरेगा. 

यही वजह है कि दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, देश के अन्य राज्यों के लोग भी नोएडा को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं. नोएडा आज मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, विदेशी निवेश और प्रीमियम रियल एस्टेट का संगम बन चुका है. यहां नौकरी, निवेश और आधुनिक जीवनशैली की ‘नई फसल' लगातार बढ़ रही है.  नोएडा सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक ग्रोथ का इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है.

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