- केंद्र सरकार ने 1 जून 2026 से पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर नया संशोधित शुल्क लागू करने का निर्णय लिया.
- पेट्रोल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.5 रुपये और एटीएफ पर 9.5 रुपये शुल्क तय किया गया है.
- यह निर्णय घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है.
तेल संकट के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को लेकर बड़ा फैसला लिया है. वित्त मंत्रालय ने एक नया नोटिफिकेशन जारी करते हुए 1 जून 2026 से पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर संशोधित शुल्क लागू करने की घोषणा की है. इस नोटिफिकेशन के अनुसार, पेट्रोल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क तय किया गया है.
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय स्थिति के बीच देश के नागरिकों को राहत देना है. खास बात यह है कि स्थानीय खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले मौजूदा उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर नहीं पड़ेगा.
दरअसल, सरकार ने इससे पहले 27 मार्च 2026 से ही पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर शुल्क लागू किया था. यह कदम पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए उठाया गया था. सरकार का मानना है कि निर्यात को सीमित कर घरेलू मांग को पूरा करना जरूरी है, ताकि देश में किसी तरह की कमी न हो और कीमतों पर नियंत्रण बना रहे.
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