MNREGA को खत्म किया, फिर बजट 2026 में MNREGA को 30 हजार करोड़ क्यों?

सरकार ने MNREGA का नाम बदलकर VB‑G RAM G कर दिया है, लेकिन नई योजना पूरी तरह लागू होने तक MNREGA को बंद नहीं किया जाएगा. इसलिए बजट 2026 में MNREGA के लिए 30,000 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया गया है. ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, MNREGA तब तक चलता रहेगा जब तक इसके अधूरे काम पूरे नहीं हो जाते और नया ढांचा पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाता.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
PTI

संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MNREGA) का नाम बदलकर VB‑G RAM G (Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Aajeevika Mission Grameen) कर दिया था. यह नया कानून पुराने MNREGA ढांचे को पूरी तरह बदलने के उद्देश्य से लाया गया है. लेकिन आज पेश हुए केंद्रीय बजट 2026‑27 में सरकार ने उसी MNREGA के लिए 30,000 करोड़ रुपये का आवंटन कर दिया. आखिर क्यों?

इस विरोधाभास जैसे दिखने वाले फैसले के पीछे कारण है: दोनों योजनाओं का समानांतर चलना, जब तक पूरी तरह संक्रमण (transition) पूरा नहीं हो जाता.

VB‑G RAM G को मिला सबसे बड़ा आवंटन: 95,692 करोड़ रुपये

बजट के अनुसार, नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना VB‑G RAM G को 95,692.31 करोड़ रुपये दिए गए हैं. यह राशि पुराने MNREGA की तुलना में काफी अधिक है और सरकार का संकेत साफ है कि भविष्य का ग्रामीण रोजगार मॉडल अब VB‑G RAM G के तहत ही चलेगा.

यह भी पढ़ें- मनरेगा के मुकाबले जी राम जी योजना को मिला बंपर बजट, जानें रोजगार गारंटी पर कितना खर्च

VB‑G RAM G के तहत:

100 दिन की बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा. योजना अब केंद्र प्रायोजित (centrally sponsored) होगी, जिसमें राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ेगी.

फिर MNREGA को 30,000 करोड़ रुपये क्यों?

1. ट्रांजिशन पीरियड तक MNREGA जारी रहेगा

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, MGNREGA तब तक बंद नहीं होगा जब तक VB‑G RAM G पूरी तरह लागू नहीं हो जाता और MNREGA के तहत चल रहे सभी काम पूरे नहीं हो जाते. इसलिए बजट में MNREGA के लिए 30,000 करोड़ रुपये का ट्रांज़िशनल फंड रखा गया है.

Advertisement

2. MNREGA के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए धन चाहिए

विभागीय दस्तावेज बताते हैं कि पिछली वित्तीय वर्ष (2025‑26) में MNREGA पर कुल खर्च 88,000 करोड़ तक पहुंच गया. ऐसे में अधूरे कामों का भुगतान, मजदूरी देनदारियां और परियोजनाओं का समापन जरूरी है.

यह भी पढ़ें- हाईस्पीड रेल, जहाज मरम्मत केंद्र...जानें बजट में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस को क्या-क्या मिला

3. नई योजना का रोलआउट चरणबद्ध है

VB‑G RAM G की संरचना MNREGA से बिल्कुल अलग है-

बुनियादी ढांचे पर फोकस है, पानी, आजीविका, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे चार प्रमुख सेक्टर इस योजना के केंद्र में हैं. हर ग्राम पंचायत को Viksit Gram Panchayat Plan बनाना होगा. इस पूरी प्रक्रिया में समय लगेगा, इसलिए सरकार एक साथ MNREGA को बंद नहीं कर सकती.

Advertisement

4. ग्रामीण रोजगार की गिरती मांग के बावजूद जरूरतें मौजूद

आर्थिक समीक्षा में बताया गया कि ग्रामीण रोजगार के "पर्सन‑डेज़" में 2021 के मुकाबले 2025 तक 53% गिरावट आई है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में एकदम से रोजगार सहायता काटना संभव नहीं है।

इसलिए संक्रमण अवधि में बजट का दोहरी व्यवस्था रखना अनिवार्य है.

यह भी पढ़ें- विदेश में पढ़ाई करने वालों को सरकार का बड़ा तोहफा, इतना कम कर दिया टैक्स

क्या वास्तव में सरकार ने MNREGA को ‘खत्म' किया है?

कानूनी रूप से: हां, VB‑G RAM G कानून 2025 ने MNREGA के मौजूदा ढांचे को रिप्लेस कर दिया है.

व्यवहार में: नहीं, अभी MNREGA को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है. यह ट्रांजिशन मोड में चल रहा है.

सरकार MNREGA को कानूनी रूप से बदलकर VB‑G RAM G लागू कर रही है, लेकिन जब तक नया ढांचा पूरी तरह स्थापित नहीं हो जाता, तब तक MNREGA के पुरानी देनदारियों और चालू काम के लिए धन की जरूरत बनी रहेगी. इसी वजह से बजट 2026 में MNREGA के लिए 30,000 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया गया है.

Advertisement

Featured Video Of The Day
Budget 2026 | विदेश यात्रा हुई सस्ती, वित्त मंत्री की घोषणा से बम-बम | Budget With NDTV