Iran-Israel conflict market impact: जब किसी भी दो देशों के बीच में जंग छिड़ती है तो डिफेंस स्टॉक नई ऊंचाइयां छूते हैं. ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका का तनाव अपने चरम सीमा पर चल रहा है. इसी स्थिति को देखते हुए डिफेंस सेक्टर को इन्वेस्टमेंट का हॉटस्पॉट कहा जा रहा है. आइए जानते है ईरान की उन कंपनियों के बारे में जो डिफेंस में कारोबार कर रही है और दूसरी तरफ अमेरिका के निवेशक कैसे इस मौके का फायदा उठा रहे हैं.
Iran-Israel conflict market impact
ईरान का डिफेंस सेक्टर सरकार के कंट्रोल में
ईरान की डिफेंस इंडस्ट्री पूरी तरह से सरकार के कंट्रोल में है. अंतरराष्ट्रीय रोक के बाद भी ईरान ने अपने डिफेंस को मजबूत बनाया है. ईरान की बड़ी कंपनियों में रक्षा उद्योग संगठन (DIO), ईरान इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग (IEI), HESA, एयरोस्पेस उद्योग संगठन (AIO) शामिल है.
रक्षा उद्योग संगठन (DIO)- यह ईरान का सबसे बड़ा डिफेंस ग्रुप है जो टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और मिसाइलों का मैन्युफैक्चर करता है
रान इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग (IEI)- इसे ईरान का अहम अंग माना जाता है, जो रडार सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और कम्यूनिकेशन इक्विपमेंट पर काम करता है.
HESA- ईरान के लिए शहाब और मोहाजेर जैसे खतरनाक ड्रोन्स यहीं बनाते हैं
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अमेरिका डिफेंस स्टॉक मार्केट का हाल
जैसे ही ईरान के अमेरिका की जंग की खबर सामने आईं, वैसे ही डिफेंस स्टॉक चमकने लगे. निवेशक इन स्टॉक्स में लगातार पैसा लगा रहे हैं. नतीजन देश के बड़े डिफेंस स्टॉक्स में शामिल पलान्टिर टेक्नोलॉजीज, लॉकहीड मार्टिन, नॉर्थरोप ग्रुम्मन के साथ RTX ने 52 हफ्तों का हाई लेवल टच कर लिया.
इतना ही नहीं सिर्फ मार्च के पहले हफ्ते के अंदर इन शेयर्स में 3 से 6 फीसदी की तेजी देखी गई. इसके साथ ही निवेशक अब सीधे पैसा लगाने के बजाय ईटीएफ के जरिए मुनाफा कमा रहे हैं. आईशेयर्स यूएस एयरोस्पेस एंड डिफेंस ईटीएफ ने इस साल अब तक 16 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है.
मार्केट एक्सपर्ट जंग के दौरान आई तेजी को एक शॉर्ट टर्म का मुनाफा मानते हैं. वहीं लंबी अवधि में रिस्क मौजूद रहता है. हालांकि अगर वॉर लंबी चलती है तो तेल की कीमतें बढ़ने पर महंगाई बढ़ती है. इससे ब्याज दरों पर प्रेशर बनता है. इसलिए इस समय ये स्टॉक्स किसी सेफ हेवन से कम नहीं है. पर, हां पैसा लगाने से पहले सावधानी रखनी जरूरी है.














