Dollar vs Rupee: RBI के सपोर्ट के बावजूद रुपये का हाल हुआ बेहाल, डॉलर के मुकाबले 93.07 के स्तर पर फिसला, ये हैं गिरावट की 3 वजहें

Rupee vs Dollar Today: ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय रुपया 17 पैसे टूटकर 93.07 पर पहुंच गया है. जानें क्यों डॉलर मजबूत हो रहा है और RBI इस पर क्या कदम उठा रहा है.

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USD INR Exchange Rate: रुपये की गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव है.
नई दिल्ली:

Dollar vs Rupee Today: दुनियाभर में मचे भू-राजनीतिक घमासान का असर अब सीधे आपकी जेब और देश की करेंसी पर दिखने लगा है. मंगलवार, 7 अप्रैल की सुबह भारतीय रुपये के लिए अच्छी नहीं रही. डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे टूटकर 93.07 के स्तर पर पहुंच गया है. एक तरफ कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और दूसरी तरफ विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार से पैसा निकालने से रुपये की हालत बिगाड़ रही है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर रुपया क्यों गिर रहा है और इसका आप पर क्या असर होगा....

क्यों टूट रहा है रुपया? ये हैं 3 बड़े कारण

रुपये की इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव है. आज राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डेडलाइन खत्म हो रही है और युद्ध के डर से कच्चा तेल (Brent Crude Oil Prie ) 111 डॉलर के पार चला गया है. चूंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ जाती है और रुपया कमजोर हो जाता है.

इसके अलावा, विदेशी निवेशकों ने अकेले सोमवार को भारतीय बाजार से 8,167 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं, जिससे रुपये पर दबाव और बढ़ गया.

RBI की  सख्ती के बावजूद बाजार में हलचल

हालांकि, रिजर्व बैंक (RBI) रुपये को बचाने की पूरी कोशिश कर रहा है. हाल ही में RBI ने सट्टेबाजी रोकने के लिए नए नियम लागू किए हैं और बैंकों की पोजीशन पर लिमिट लगा दी है.

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एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर RBI दखल न देता, तो रुपया और भी ज्यादा गिर सकता था. फिलहाल सबकी नजरें कल यानी बुधवार को आने वाली RBI की मॉनेटरी पॉलिसी (MPC) के फैसले पर टिकी हैं, जहां गवर्नर संजय मल्होत्रा ब्याज दरों पर बड़ा ऐलान करेंगे.

 शेयर बाजार में कोहराम, डॉलर इंडेक्स चढ़ा

रुपये की गिरावट के बीच शेयर बाजार में भी कोहराम मचा हुआ है. सेंसेक्स 824 अंक गिरकर 73,282 पर आ गया है. वहीं, दुनिया की 6 मुख्य करेंसी के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला 'डॉलर इंडेक्स' भी बढ़कर 100.11 पर पहुंच गया है. जानकारों के मुताबिक, जब तक ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक रुपया 92.50 से 93.50 के बीच झूलता रह सकता है.

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