तो क्या सस्ते होंगे पेट्रोल‑डीजल? केंद्र सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी, जानें- इसका आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा

केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्‍साइड ड्यूटी उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है और डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया है. माना जा रहा है कि यह तेल कदम कंपनियों को राहत देने के लिए उठाया गया है. दरअसल जंग की वजह से तेल कंपनियों को लगातार घाटा हो रहा था.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • मिडिल ईस्ट संकट के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से पेट्रोल-डीजल कंपनियों को नुकसान हो रहा है.
  • केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल की पूरी ड्यूटी खत्म की है.
  • एक्साइज ड्यूटी में कटौती से कंपनियों के घाटे की भरपाई करने और महंगाई नियंत्रित करने की कोशिश है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

मिडिल ईस्ट में जारी संकट का तेल बाजार पर गहरा असर पड़ रहा है. Nayara जैसी प्राइवेट कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए हैं. दरअसल ग्लोबल बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से फ्लूय कंपनियों को घाटा हो रहा है. ऐसे में कंपनियों या कहें कि आम आदमी को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती का ऐलान किया है. सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है.

यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है और इसका सीधा असर देश में पेट्रोल‑डीजल के दामों पर पड़ रहा है. हालांकि सूत्रों की मानें तो एक्साइज ड्यूटी घटने से पेट्रोल डीजल के दाम घटने की संभावना नहीं है. सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए एक्साइज ड्यूटी घटाई है.

यह भी पढ़ें- ईरान-इजरायल जंग के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल का पैनिक, 15% बढ़ी मांग; कई शहरों में राशनिंग प्रक्रिया शुरू

क्या होती है एक्साइज ड्यूटी?

एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला वह टैक्स है, जो किसी वस्तु के उत्पादन पर वसूला जाता है. पेट्रोल और डीजल जीएसटी के दायरे से बाहर हैं, इसलिए इन पर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का वैट लगता है. यही वजह है कि ईंधन के खुदरा दामों में टैक्स का हिस्सा काफी बड़ा होता है.

Advertisement

तेल कंपनियां रिफाइनरी से पेट्रोल‑डीजल निकालते समय एक्साइज ड्यूटी चुकाती हैं और यही टैक्स बाद में कीमत में जुड़कर आम उपभोक्ताओं पर आता है.

Advertisement

पेट्रोल‑डीजल की कीमत बनती कैसे है? 

मान लें दिल्ली में पेट्रोल ₹95/लीटर है:

घटक ₹/लीटर
कच्चा तेल + रिफाइनिंग₹38
एक्साइज ड्यूटी (पहले)₹13
डीलर कमीशन₹4
राज्य VAT₹20
कुल₹95

दामों पर क्या पड़ेगा असर

पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये घटने से और डीजल पर 10 रुपये की ड्यूटी खत्म होने से कीमतों में कमी की पूरी गुंजाइश बनती है. विशेषज्ञों के अनुसार, यदि एक्साइज कटौती का पूरा फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है, तो पेट्रोल के दामों में 10 से 12 रुपये प्रति लीटर तक गिरावट आ सकती है. डीजल के दाम 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक सस्ते हो सकते हैं.

हालांकि, मौजूदा हालात में तुरंत पंप पर दाम घटना जरूरी नहीं है. तेल कंपनियां इस कटौती का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की महंगाई को संतुलित करने में भी कर सकती हैं.

यह भी पढ़ें- पेट्रोल-डीजल और LPG का फुल स्टॉक! PNG के लिए 90 दिन में सिलेंडर कर दें सरेंडर, PM मोदी आज लेंगे बड़ी बैठक

महंगाई काबू करने की कोशिश

डीजल सस्ता होने से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की लागत घटने की उम्मीद है. इसका फायदा खाद्य पदार्थों, सब्जियों, रोजमर्रा के सामान और किराए‑भाड़े पर भी पड़ सकता है. सरकार का मानना है कि यह कदम महंगाई पर काबू पाने में मदद करेगा.

Advertisement

तेल कंपनियों को राहत देने की कोशिश

एक्साइज ड्यूटी में कटौती से तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर लागत का दबाव कम होगा. खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक आपूर्ति संकट के कारण कच्चा तेल महंगा हो रहा है. वहीं, सरकार को इससे राजस्व में कुछ कमी जरूर झेलनी पड़ सकती है, लेकिन महंगाई को नियंत्रित करने को प्राथमिकता दी गई है. हालांकि इस बीच आम आदमी के लिए राहत की खबर ये है कि सरकार खुद घाटा झेल रही है ताकि इससे आम आदमी को महंगाई न झेलनी पड़े.  

आगे क्या?

अब सबकी नजर तेल कंपनियों पर है कि वे इस एक्साइज कटौती का कितना लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाती हैं. साथ ही उम्मीद की जा रही है कि राज्य सरकारें भी वैट में कटौती कर केंद्र के फैसले का साथ दें, ताकि आम जनता को पूरी राहत मिल सके.

Advertisement

कुल मिलाकर, पेट्रोल‑डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती को आम लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में जेब और बाजार दोनों पर दिख सकता है.

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Iran Israel War: Nuclear Weapon पर अटकी जंग! US के खिलाफ अब क्या करेगा ईरान? | Trump