India-EU Trade Deal: करीब 18 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने दुनिया के सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर सहमति जता दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे वैश्विक व्यापार का नया सवेरा बताया है. यह समझौता भारत को 27 देशों से जोड़ेगा और निवेश के बड़े अवसर खोलेगा. इस डील से हम और आप जैसे भारतीय उपभोक्ताओं के लिए लग्जरी कारों से लेकर विदेशी वाइन तक काफी कुछ सस्ता हो जाएगा. आइए जानते हैं इस मेगा-डील के बाद आपके लिए क्या-क्या सस्ता होने जा रहा है.
1. लग्जरी कारें: अब BMW और Audi का सपना होगा पूरा!
अगर आप मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू या ऑडी जैसी यूरोपीय कारों के दीवाने हैं, तो यह डील आपके लिए जैकपॉट है. अब तक इन कारों पर 100% से ज्यादा इम्पोर्ट ड्यूटी लगती थी. समझौते के तहत, 15,000 यूरो (करीब 16.3 लाख रुपये) से महंगी कारों पर ड्यूटी घटाकर 40% कर दी जाएगी और धीरे-धीरे यह 10% तक नीचे आएगी. इससे इन लग्जरी कारों की कीमतों में लाखों रुपये की कमी आएगी.
2. वाइन और व्हिस्की: प्रीमियम ब्रांड्स अब बजट में
इस ऐतिहासिक डील के बाद फ्रांस, इटली और स्पेन की मशहूर वाइन पर टैक्स भारी कटौती के साथ कम होगा. अब विदेशी प्रीमियम ब्रांड्स का स्वाद चखना आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेगा. वर्तमान में भारत विदेशी वाइन पर 150% तक का भारी आयात शुल्क (Import Duty) लगाता है. समझौते के बाद इसे घटाकर 20% तक लाने का प्रस्ताव है. इस कटौती का सीधा मतलब यह है कि फ्रांस, इटली और स्पेन जैसे यूरोपीय देशों से आने वाली प्रीमियम वाइन की कीमतें भारतीय बाजार में काफी कम हो जाएंगी. यह कटौती एक साथ नहीं होगी, बल्कि अगले 5 से 10 सालों के दौरान धीरे-धीरे कम की जाएगी, ताकि घरेलू बाजार को झटका न लगे.
3. दवाएं और मेडिकल उपकरण होंगे सस्ते
यूरोप अपनी अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक के लिए जाना जाता है. इस समझौते से कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की विदेशी दवाएं (Pharma) और आधुनिक मेडिकल मशीनरी सस्ती होंगी. इसके अलावा, भारत की जेनेरिक दवाओं के लिए यूरोप के 27 देशों के बाजार खुल जाएंगे.
4. इलेक्ट्रॉनिक और हाई-टेक मशीनरी
हवाई विमान के पुर्जे, मोबाइल पार्ट्स और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर टैरिफ खत्म होने से भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग की लागत घटेगी. इसका सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को कम कीमतों के रूप में मिलेगा. यानी आपके लिए मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना सस्ता हो सकता है.
5. स्टील और केमिकल प्रोडक्ट्स
लोहे, स्टील और केमिकल उत्पादों पर शून्य (Zero) टैरिफ का प्रस्ताव है. इससे कंस्ट्रक्शन और इंडस्ट्रियल सेक्टर में कच्चे माल की कीमतें गिरेंगी, जिससे घर बनाना या औद्योगिक सामान खरीदना सस्ता हो सकता है.
भारतीय एक्सपोर्टर्स की तो निकल पड़ी!
यह डील सिर्फ सामान सस्ता नहीं करेगी, बल्कि भारतीय कपड़ा (Garments), लेदर और हीरे-जवाहरात के कारोबारियों के लिए यूरोप का विशाल बाजार खोल देगी. भारतीय कपड़ों पर लगने वाली ड्यूटी खत्म होने से बांग्लादेश और वियतनाम को पीछे छोड़ भारत नंबर 1 बन सकता है.














