- सोने और चांदी की कीमतों में पिछले सप्ताह लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे निवेशक परेशान रहे
- सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में बढ़त के बाद मंगलवार को मुनाफावसूली की वजह से गिरावट आई थी
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों और डॉलर की मजबूती का सोना-चांदी की कीमतों पर असर पड़ा है
Gold-Silver Prices: सोना-चांदी की कीमतें इस हफ्ते रोलर-कोस्टर राइड के जैसे रहीं. किसी दिन उपर तो अगले ही दिन नीचे. खरीदारी और बिकवाली का मिक्स बीते हफ्ते दिखाई दिया. शुक्रवार की क्लोजिंग के बाद जब सोमवार को बाजार खुला, तो निवेशकों की नजरें स्क्रीन पर टिकी थीं. सोने ने जहां अपनी चमक बचाने की कोशिश की, वहीं चांदी की कीमतों ने पैसे लगा चुके निवेशकों को निराश किया. लेकिन हां, जो लोग एंट्री करना चाह रहे थे, उनके लिए कई बड़े मौके जरूर बने.
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एमसीएक्स रेट्स का हाल
पिछले शुक्रवार की तुलना में सोमवार, 9 फरवरी को बाजार बढ़त के साथ खुला. एमसीएक्स पर सोना करीब 1,57,448 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो पिछले बंद भाव से लगभग 1.28% ऊपर था. वहीं, चांदी ने भी तेज छलांग लगाई और 2,64,300 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार शुरू किया. लेकिन अगले ही दिन मंगलवार को एक बार फिर मुनाफावसूली देखी गई. सोना 1,56,539 रुपये प्रति ग्राम पर आ गया और चांदी करीब 12 हजार टूटकर 2,52,300 प्रति किलो पर लुढ़क गई. हालांकि बुधवार को एक बार फिर तेजी देखी गई, लेकिन 24 घंटे बांद गुरुवार को एक बड़ा क्रैश दोनों की कीमतों में सामने आया. फिर भी हफ्ते के आखिरी दिन निवेशक कुछ राहत की सांस ले पाए, क्योंकि रिकवर के मोड में बाजार दिखाई दिया.
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सराफा बजार में दिखी गिरावट
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के रेट के अनुसार, हफ्ते के आखिर दिन शुक्रवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 2,885 रुपए कम होकर 1,52,765 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,55,650 रुपए प्रति 10 ग्राम थी. वहीं, चांदी की भी कीमतें नीचे रहीं. दाम 16,700 रुपए कम होकर 2,42,433 रुपए प्रति किलो हो गया, जो कि पहले 2,59,133 रुपए प्रति किलो था.
एमसीएक्स के जैसे ही सोने के आईबीजेए रेट्स भी ऊपर-नीचे दिखाई दिए. सुबह और शाम की कीमतों में 2 से 3 हजार का अंतर साफ देखा गया. नीचे ग्राफिक्स से जांने गोल्ड की चाल इस हफ्ते कैसी रही.
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बाजार में उतार-चढ़ाव की बड़ी वजह
मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर नजरें और वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती ने कीमतों पर असर डाला है. हफ्ते के बीच में चांदी में 26 हजार रुपये तक की बड़ी गिरावट देखी गई थी, लेकिन शुक्रवार को सस्ते दाम पर खरीदारी के चलते कीमतों में फिर से सुधार हुआ.
आगे कैसी रह सकती है चाल?
आने वाले हफ्ते की बात करें तो मार्केट एक्सपर्ट ज्यादा आशावादी नहीं है. उनका कहना है कि यही उतार-चढ़ाव इस हफ्ते देखने को मिल सकता है. हां, अगर निवेशक लंबी अवधि के लिए अपने निवेश को तेयार करते हैं तो कुछ हद तक आने वाले कुछ महीनों में अच्छी स्थिति में रहेंगे. शॉर्ट टर्म की बात करें तो कीमतों में इतना उतार-चढ़ाव है कि रिस्क बहुत ज्यादा है.














