सोना-चांदी के भाव ऐसे ऊपर-नीचे हो रहे हैं, जिस तरह किसी बीपी पेंशेंट का ब्लड प्रेशर कभी कम तो कभी ज्यादा हो जाता है. किसी दिन सोने-चांदी में तेजी देखने को मिलती है तो शाम होते-होते कीमतें नीचे आना शुरू हो जाती हैं. अमेरिका-ईरान के बीच संभावित पीस डील का इंतजार शेयर मार्केट के साथ कमोडिटी मार्केट के निवेशक भी कर रहे हैं. किसी दिन लगता है अब सब ठीक है, तभी खबर आ जाती है कि अमेरिका ने ईरान के जहाज पर हमला कर दिया, जिससे बाजार में असमंजस की स्थिति फिर बन जाती है.
लोकल मार्केट में सोने की स्थिति
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों की बात करें तो आज 1 जून को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के भाव ताश के पत्तों की तरह ढह गए. बाजार में आई इस भारी बिकवाली की वजह से दोनों कीमती धातुएं अपने पिछले रिकॉर्ड लेवल से काफी नीचे आ गई हैं. सोमवार को दिल्ली के बाजार में सोने की कीमत में 1.53 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई. सोना सीधे 2,500 रुपये प्रति 10 ग्राम टूटकर 1,60,400 रुपये के स्तर पर आ गया.
चांदी में भी 5 हजार की बड़ी गिरावट
सोने की राह पर चलते हुए चांदी ने भी निवेशकों को बड़ा झटका दिया. इंडस्ट्री डिमांड में कमी और वैश्विक उथल-पुथल के बीच चांदी का भाव करीब 2 फीसदी यानी 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक लुढ़क गया. इस गिरावट के बाद दिल्ली में चांदी की कीमत 2,69,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई हैं.
आखिर क्यों बाजार में मचा हाहाकार?
जैसा हमने आपको खबर की शुरुआत में बताया कि अमेरिका-ईरान के बीच संभावित पीस डील पर स्थिति साफ नहीं हो पा रही है, जिसके चलते निवेशक एक बड़ा फैसला नहीं ले पा रहे हैं. जब शांति की उम्मीद होती है तो कीमतें ऊपर जाने लगती हैं और जैसे ही किसी हमले की खबर आती है, वैसे ही लोग सोना-चांदी निकालना शुरू कर देते हैं. इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों की वजह से डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है. निवेशक इस समय सोने-चांदी से ज्यादा डॉलर को निवेश का बेहतर विकल्प मान कर चल रहे हैं. डॉलर के मजबूत होने से अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में इजाफा होता है. नतीजन निवेशकों का भरोसा सोने-चांदी पर से कम हो जाता है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी यही हाल
ग्लोबल मार्केट में भी इस समय भारी उठापटक का माहौल है. पीस डील की स्थिति साफ ना होने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 1 फीसदी गिरकर 4,504.97 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. हालांकि, दिलचस्प बात ये है कि जहां घरेलू बाजार में चांदी टूटी, वहीं वैश्विक स्तर पर ये 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75.93 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी.
आगे क्या होगा? जानकारों की राय
जानकारों का कहना है कि इस पूरे हफ्ते बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. अब निवेशकों की नजरें इस हफ्ते आने वाले अमेरिका के जॉब्स डेटा, फेडरल रिजर्व के बयानों पर टिकी हुई हैं. इसके साथ ही, अमेरिका-ईरान का अगला कदम भी सोने-चांदी की अगली दिशा तय करेंगे.











