पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े, अब Blinkit, Zomato, Swiggy से लेकर Ola-Uber तक सब होगा महंगा!

Fuel price hike India: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह से ब्लिंकिट, जोमैटो, स्विगी, ओला और उबर जैसी क्विक कॉमर्स और राइड-हेलिंग सर्विसेज महंगी हो सकती हैं. ओला-उबर की राइड्स नॉर्मल टाइम में भी 15% तक महंगी हो सकती हैं, जबकि जोमैटो-स्विगी डिलीवरी चार्जेस बढ़ा सकते हैं.

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Fuel price hike India देशभर में फ्यूल पर 3 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है.

Fuel price hike India: अगर आप रोजमर्रा की चीजों के लिए ब्लिंकिट से सामान मंगाते हैं या ऑफिस जाने के लिए ओला‑उबर का यूज करते हैं, तो अब आपको थोड़ा ज्यादा खर्च करने के लिए तैयार रहना चाहिए. पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने का सीधा असर इन ऐप बेस्ड सर्विस पर हो सकता है. क्योंकि इन कंपनियों का काम पूरी तरह फ्यूल पर ही डिपेंड है, जिससे अब उनका और खर्च बढ़ जाएगा और वही बढ़ा हुआ खर्च ग्राहकों से वसूला जाएगा. सीधी बात ये है कि अब आपको हर डिलीवरी, कैब राइड या ऐसी किसी भी सर्विस के लिए पहले से ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं. यानी तेल महंगा होने का असर धीरे‑धीरे आपकी जेब और महीने के बजट पर साफ दिखने लगेगा.

Ola-Uber इस्तेमाल में जेब होगी ढीली

पहले बात ओला-उबर की करते हैं. अब तक आपको ओला‑उबर का ज्यादा किराया सिर्फ पीक टाइम में ही देना पड़ता था. लेकिन अब हालात बदल सकते हैं. पेट्रोल‑डीजल महंगा होने और कंपनियों के बढ़ते कमीशन की वजह से ड्राइवर्स की कमाई घट रही है. इसी वजह से कंपनियां अब बेस किराया बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं. अब सिर्फ पीक टाइम ही नहीं, बल्कि नॉर्मल टाइम में भी आपको 10‑15% तक ज्यादा किराया देना पड़ सकता है. यानी जो राइड पहले 200 रुपये में मिलती थी, अब वही 220‑230 रुपये तक पड़ सकती है.

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Zomato और Swiggy: वीकेंड का खाना पड़ेगा महंगा

जोमैटो और स्विगी जैसे फूड डिलीवरी ऐप्स पर भी पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर देखने को मिल सकता है. इनके डिलीवरी पार्टनर्स पूरे दिन पेट्रोल खर्च करके आपके घर खाना पहुंचाते हैं. लेकिन पेट्रोल महंगा होने से उनकी कमाई पर असर पड़ रहा है. अब कंपनियां डिलीवरी पार्टनर्स को बनाए रखने के लिए उन्हें दूरी के हिसाब से ज्यादा पैसे देने पर सोच रही हैं. लेकिन इसका सीधा मतलब है कि ये बढ़ा हुआ खर्च आखिरकार ग्राहकों से ही लिया जाएगा. यानी आने वाले समय में आपको डिलीवरी चार्ज या हैंडलिंग फीस के रूप में ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं और वीकेंड का आपका मन पसंद खाना थोड़ा महंगा पड़ सकता है.

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क्या अब फ्री डिलीवरी खत्म होगी?

ब्लिंकिट, जैप्टो और इंस्टा मार्ट जैसे ऐप्स से सामान मंगाना अब महंगा पड़ सकता हैं. ये कंपनियां अभी छोटे ऑर्डर पर भी कम या फ्री डिलीवरी दे देती हैं, लेकिन पेट्रोल महंगा होने से अब उनका खर्च बढ़ जाएगा. यानी कंपनियां फ्री डिलीवरी के नियम बदल सकती हैं. मतलब ये कि फ्री डिलीवरी पाने के लिए आपको ज्यादा सामान मंगाना पड़ेगा. मान लीजिए, पहले जहां 299 रुपये के ऑर्डर पर फ्री डिलीवरी मिल जाती थी, अब उसके लिए 499 रुपये तक का ऑर्डर करना पड़ सकता है. अगर आप कम सामान मंगाते हैं, तो आपको ज्यादा डिलीवरी चार्ज देना पड़ सकता है. यानी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए ऑर्डर करना अब पहले से महंगा हो सकता है.

क्या है कंपनियों का प्लान-बी?

महंगे पेट्रोल-डीजल के इस चक्रव्यूह से निकलने के लिए ये सभी कंपनियां हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठी हैं. लॉन्ग टर्म सोल्यूशन के रूप में जोमैटो, स्विगी, ओला और ब्लिंकिट जैसी कंपनियां इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लेटफॉर्म पर जमकर निवेश कर रही हैं. कंपनियों का टारगेट है कि अगले कुछ सालों में उनके डिलीवरी फ्लीट का एक बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रिक हो जाए जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों के उतार-चढ़ाव का असर उन पर हो ही ना. हालांकि, ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह तैयार होने में अभी टाइम लगेगा, तब तक के लिए महंगाई का ये बोझ ग्राहक को ही उठाना पड़ सकता है.

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