भविष्य की बुनियाद, इरादे हैं फौलाद-इसलिए धुरंधर है बजट

Budget 2026: केंद्र सरकार ने आम बजट में सुधारवादी एजेंडे पर फोकस करते हुए दूरगामी लक्ष्यों को पाने का माद्दा दिखाया है. इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग पर जोर देते हुए रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है.

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Budget 2026
नई दिल्ली:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लगातार 9वां बजट पेश किया. दो-तीन महीने बाद पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं, सब उम्मीद कर रहे थे कि सरकार लोकलुभावनी घोषणाएं कर सकती है. लेकिन सरकार ने वैश्विक अस्थिरता के माहौल और घरेलू मोर्चे की मजबूती पर फोकस करने वाला यथार्थवादी और सुधारवादी बजट पेश किया है. सरकार ने पांच राज्यों में चुनाव के बावजूद जिगरा दिखाया है, इस मायने में इसे धुरंधर बजट कहा जा सकता है. सरकार ने दूरगामी लक्ष्यों पर फोकस करते हुए 'विकसित भारत 2047' तक अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का माद्दा दिखाया है. अगले कुछ महीनों में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी और केरल विधानसभा चुनाव होने हैं. लेकिन सरकार ने इनकम टैक्स में छूट जैसी लोकलुभावनी घोषणाओं की जगह इन्फ्रास्ट्रक्चर, शहरीकरण, वित्तीय अनुशासन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने पर फोकस किया है. 

सरकार के 10 बड़े कदम

नया इनकम टैक्स एक्ट (New Income Tax Act): सरकार ने बजट 2026 में पुराने आयकर नियमों को सरल बनाने के लिए नया आयकर अधिनियम, 2025 पेश किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. हालांकि, इस बार टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है.

इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस: बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास के लिए पूंजीगत खर्च को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. यह पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ से 10% अधिक है.

वित्तीय अनुशासन पर फोकस: राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) को नियंत्रण में रखने सरकार ने राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.3% रखा है.

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बायो-फार्मा शक्ति (Bio-Pharma Shakti): फार्मा और बायो-टेक सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन किया गया है ताकि भारत को दवाओं और टीकों के अनुसंधान में वैश्विक हब बनाया जा सके. सरकार ने रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए डेडिकेटेड कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर चिप सेक्टर हब बनाने पर जोर दिया है, ताकि चीन का दबदबा कम हो सके.

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युवाओं के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए देश के विभिन्न शहरों के बीच 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है. इसके तहत मुंबई, पुणे, वाराणसी, सिलिगुड़ी, चेन्नई जैसे बड़े शहरों को हाईस्पीड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. 

कृषि में AI (Bharat VISTAAR): किसानों के लिए 'भारत विस्तार' नामक बहुभाषी AI टूल लॉन्च किया जाएगा, जो फसल प्रबंधन और डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद करेगा. सरकार ने मत्स्य पालन, कोको, काजू, अखरोट और चंदन की खेती पर फोकस किया है, ताकि टैरिफ का सामना बखूबी किया जा सके. 

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MSME के लिए SME ग्रोथ फंड: छोटे उद्योगों (MSME) को समर्थन देने के लिए ₹10,000 करोड़ का 'SME ग्रोथ फंड' बनाया गया है. लघु उद्योगों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है. हर बजट में सरकार एमएसएमई पर फोकस किया है, ताकि बढ़ती लागत के बावजूद ग्लोबल मार्केट में उन्हें अच्छा प्लेटफॉर्म मिल सके.  

महिला, शिक्षा और कौशल: सरकार ने शी-मार्ट योजना पेश की है, इससे छोटे शहरों में महिलाओं के स्थानीय उत्पाद एक जगह पेश किए जा सकेंगे. उन्हें सुपरमार्ट जैसे रिटेल स्टोर खोलने में मदद दी जाएगी. एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट के तहत 1.5 लाख मल्टी स्किल्ड केयरगिवर्स प्रशिक्षित किए जाएंगे. 

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कंटेंट क्रिएटर लैब: सरकार देश के 15 000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब बनाएगी, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा. हर जिले में एक बालिका छात्रावास (Girls Hostel) बनाया जाएगा.

पर्यटन को बढ़ावा: मंदिरों वाले शहरों के विकास और 'मेडिकल वैल्यू टूरिज्म' के लिए विशेष आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके अलावा, विदेश यात्रा के टूर पैकेज पर TCS घटाकर 2% कर दिया गया है. 10 हजार टूरिस्ट गाइड भी तैयार किए जाएंगे ताकि भारत को दुनिया के टॉप 10 टूरिस्ट प्लेस में मजबूती से स्थापित किया जा सके.
 

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