Financial Planning Tips: नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो चुका है. इसके साथ ही वो मौका आ गया है जो आपको इस साल के पोर्टफोलियो के लिए नींव रखेगा. यानी अपनी आर्थिक सेहत को दुरुस्त करने का सबसे सटीक समय. अक्सर लोग साल के आखिर में टैक्स बचाने और निवेश करने की भागदौड़ करते हैं, जिससे कभी-कभी जल्दबाजी में गलत फैसले ले लिए जाते हैं, और फिर पैसे बढ़ने के बजाए कम होना शुरू हो जाता है. इसलिए हम आपको उन 9 जरूरी कामों के बारे में बताते हैं, जिसे हर टैक्सपेयर्स के साथ नौकरीपेशा लोगों को आज या कल में कर ही लेना चाहिए.
सही टैक्स रिजीम का चुनाव करना
भारत में अब दो टैक्स रिजीम हैं, पहली ओल्ड और दूसरी न्यू. ऐसे में नया वित्त वर्ष शुरू होते ही आपको ये तय कर लेना चाहिए कि आप किसमें ज्यादा टैक्स बचा पाएंगे. अगर आपके पास होम लोन, एलआईसी या पीपीएफ जैसे निवेश हैं, तो ओल्ड रिजीम आपके लिए बढ़िया हो सकती है. वहीं, बिना निवेश के कम टैक्स रेट चाहने वालों के लिए न्यू रिजीम फायदेमंद है.
निवेश के बारे में कंपनी को बताना
अपने एम्प्लॉयर या कंपनी को ये बताना जरूरी है कि आप इस साल कितना और कहां निवेश करने वाले हैं. क्योंकि अगर आप समय पर डिक्लेरेशन नहीं देते, तो कंपनी आपकी सैलरी से ज्यादा टीडीएस काट सकती है, जिससे आपकी इन-हैंड सैलरी कम हो जाएगी.
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फॉर्म 15G और 15H जमा करें
अगर आपकी टोटल एनुअल इनकम टैक्स छूट से कम है, तो बैंकों को इसकी जानकारी देनी होती है. फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज से टीडीएस कटने से बचाने के लिए सीनियर सिटीजन को फॉर्म 15H फॉर्म और 15G जमा करना चाहिए. ये काम अप्रैल के पहले हफ्ते में ही कर लेना चाहिए जिससे बैंक आपका पैसा ना काटें.
टर्म इंश्योरेंस का रिव्यू
समय के साथ जिम्मेदारियां और महंगाई बढ़ती है. तो ऐसे में सवाल उठता है कि क्या चल रहा पुराना टर्म प्लान आज के हिसाब से ठीक है? इसलिए साल में एक बार अपने लाइफ कवर का रिव्यू जरूर करें. क्योंकि आपकी इनकम बढ़ी है, तो कवर अमाउंट भी बढ़ना चाहिए.
हेल्थ इंश्योरेंस की जरूरत
कोरोना के बाद मेडिकल खर्चे बढ़े हैं. अगर आपके पास कंपनी का बीमा है, तो भी एक पर्सनल सुपर टॉप-अप या इंडिविजुअल हेल्थ प्लान जरूर लें. ये ना केवल बढ़िया कवर से सेफ्टी देता है, बल्कि सेक्शन 80D के जरिए टैक्स छूट का भी फायदा ले सकते हैं.
पोर्टफोलियो रिबैलेंसिंग
पिछले इजरायल-ईरान जंग के एक महीने में शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव ने पोर्टफोलियो का बैलेंस बिगाड़ दिया होगा. हो सकता है इक्विटी अमाउंट ज्यादा हो हो और डेट कम. इसलिए अपने रिस्क के हिसाब से पोर्टफोलियो को दोबारा बैलेंस करें.
रिटायरमेंट प्लानिंग की शुरुआत
अभी रिटायरमेंट के बारे में सुनना, हो सकता है आपको दूर लगे. लेकिन इसकी तैयारी आज से ही होनी चाहिए. पीपीएफ, एनपीएस या ईपीएफ में अपना कंट्रीब्यूशन का रिव्यू करें. कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, रिटायरमेंट की बाद की जिंदगी उतनी ही खुशहाली होगी.
म्यूचुअल फंड और शेयर के लिए KYC अपडेट
अगर आपने लंबे समय से अपने निवेश अकाउंट्स को नहीं देखा है, तो चेक करें कि आपका केवाईसी अपडेटेड है या नहीं. अभी के नियमों की बात करें तो बिना अपडेटेड केवाईसी के आप अपने म्यूचुअल फंड यूनिट्स बेच नहीं सकते. इसके साथ ही अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी वेरिफाई करें.
नॉमिनेशन डिटेल्स
नॉमिनेशन डिटेल्स का मामला सबसे ज्यादा जरूरी है, पर हैरान कर देने वाली बात ये है कि इसे ही सबसे ज्यादा नजरअंदाज किया जाता है. इसलिए अपने बैंक अकाउंट, डीमैट अकाउंट, इंश्योरेंस पॉलिसी और प्रॉपर्टी में नॉमिनी का नाम जरूर चेक करें. पक्का करें कि नॉमिनी की डिटेल्स सही हैं जिससे भविष्य में आपके परिवार को किसी समस्या का सामना ना करना पड़े.














