- EPFO की वेबसाइट सातवें दिन भी नहीं खुल पाई है, क्योंकि सिस्टम माइग्रेशन और मेंटेनेंस का काम अधूरा है
- वेबसाइट के अपग्रेडेशन के कारण 2 जुलाई तक यूजर्स को पीएफ क्लेम और पासबुक चेकिंग जैसी सेवाएं नहीं मिलेंगी
- सिस्टम अपग्रेडेशन में डेटाबेस कंसोलिडेशन और सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन का सुधार शामिल है ताकि सेवा बेहतर हो सके
EPFO की वेबसाइट 7वें दिन भी नहीं खुल पाई है. आप आज गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को अपने पीएफ अकाउंट से पैसे निकालने, एडवांस क्लेम करने या पासबुक चेक करने की सोच रहे थे तो अभी आपको इंतजार करना होगा. ईपीएफओ की ऑफिशियल वेबसाइट पर चल रहा मेंटेनेंस और सिस्टम माइग्रेशन का काम अभी पूरा नहीं हो पाया है. चेक करने पर वेबसाइट पर अब एक नया नोटिस फ्लैश हो रहा है, जिससे पता चला कि सर्विस आज भी शुरू नहीं हो पाईं.
अधिकारिक सूत्रों ने NDTV को बताया है कि EPFO अपने करोड़ों सदस्यों के लिए किसी भी तरह की दिक्कत नहीं छोड़ना चाहता, इसलिए सिक्योरिटी और सुविधाओं को लेकर एक-एक चीज अच्छे से जांची जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि भले ही कुछ घंटे और देर हो जाए, लेकिन वेबसाइट चालू होने के बाद लोगों को दिक्कतें नहीं होनी चाहिए.
epfo website down due to system migration
3 जुलाई को वेबसाइट खुलने का नोटिस
सीधे बोलें तो, वेबसाइट अभी पूरी तरह नहीं खुली है. पहले बताया गया था कि 2 जुलाई तक सिस्टम अपग्रेड का काम पूरा हो जाएगा. लेकिन गुरुवार को जब यूजर्स ने वेबसाइट खोलने की कोशिश की, तो उन्हें होमपेज पर एक बड़ा पॉप-अप नोटिस दिखा. इस नोटिस में साफ लिखा है कि सर्विस को बेहतर बनाने, प्रोसेसिंग कैपेसिटी को बढ़ाने और यूजर्स को अच्छा अनुभव देने के लिए, EPFO क्लेम प्रोसेसिंग सिस्टम के लिए डेटाबेस कंसोलिडेशन और सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन का अपग्रेडेशन कर रहा है."
नोटिस में आगे बताया कि, सिस्टम अपग्रेड की प्रोसेस फिलहाल अभी भी जारी है. EPFO की मेंबर और एम्प्लॉयर सर्विसेज को अब 3 जुलाई 2026 तक खोला जाएगा. इसकी वजह से होने वाली असुविधा के लिए खेद है.
आखिर क्यों हो रही देरी?
पहले 30 जून फिर 2 जुलाई और अब 3 जुलाई को वेबसाइट खुलने का नोटिस दिखाई दे रहा है. इस देरी को लेकर सरकारी सूत्रों ने बताया कि, वेबसाइट में अपग्रेडेशन को लेकर ईपीएफओ कोई भी जल्दबाजी नहीं करना चाहता है. ऐसा ना हो कि वेबसाइट में आगे फिर कोई समस्या बने. इसलिए हर तकनीक की जांच की जा रही है. सभी पैरामीटर्स ठीक पाए जाने पर ही यूजर्स के लिए इसे लाइव किया जाएगा.
किस-किस सर्विस पर दिख रहा असर?
जब तक ये सिस्टम अपग्रेडेशन पूरा नहीं हो जाता, तब तक ईपीएफओ की डिजिटल विंडो पूरी तरह लॉक ही रहेगी. यानी मेंबर इंटरफेस लॉगिन में कर्मचारी अपने यूएएन के जरिए लॉगिन नहीं कर सकेंगे. साथ ही एम्प्लॉयर इंटरफेस में कंपनियो के लिए भी लॉगिन सर्विस बंद है. इसके अलावा पीएफ अकाउंट में कितना बैलेंस है, ये देखने के लिए पासबुक पोर्टल नहीं खुलेगा. ऑनलाइन क्लेम में शामिल पीएफ ट्रांसफर, एडवांस विड्रॉल या फाइनल सेटलमेंट जैसी सभी ऑनलाइन सर्विस ठप हैं.
क्यों किया जा रहा बदलाव?
अमूमन देखा गया है कि ट्रैफिक और पुराने सॉफ्टवेयर की वजह से ईपीएफओ की वेबसाइट क्रैश हो जाती थी या क्लेम सेटल होने में बहुत टाइम लगता था. इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए ईपीएफओ अपने पूरे डेटाबेस को अपडेट और सेफ बना रहा है. ईपीएफओ के अनुसार इस शेड्यूल्ड सिस्टम माइग्रेशन के बाद क्लेम सेटलमेंट काफी तेज और अच्छे तरीके से हो पाएगा.