'टैरिफ की टेंशन नहीं, हम तैयार हैं', एनडीटीवी से बोले CEA नागेश्वरन

CEA नागेश्वरन का बयान निवेशकों और आम जनता के लिए राहत भरा है, जिससे पता चलता है कि भारत ना केवल विकास की तरफ लगातार बढ़ रहा है, बल्कि टैरिफ खतरों से निपटने के लिए भी तैयार है.

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'भारतीय अर्थव्यवस्था टैरिफ टेंशन को लेकर एकदम तैयार है...' यह बात भारत के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर वी अनंत नागेश्वरन ने एनडीटीवी प्रॉफिट से बात करते हुए कहा. उन्होंने भरोसा जताया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की ग्रोथ रेट मजबूत रहेगी. सरकार ने अपनी तैयारियों में दुनिया भर में चल रही टैरिफ की अनिश्चितता का भी ध्यान रखा है.

'टैरिफ वॉर का डर नहीं'

टैरिफ संबंधी जोखिमों पर CEA नागेश्वरन ने साफ किया कि भारत के विकास अनुमानों में इन सभी बाहरी झटकों और अनिश्चितताओं को पहले ही शामिल कर लिया गया है. भारत की इकोनॉमी इतनी मजबूत है कि वह वैश्विक व्यापार नीतियों में होने वाले बदलावों का सामना कर सके.

विकास के पहिये को मिलेगी रफ्तार

नागेश्वरन के अनुसार, केवल बाहरी चुनौतियां ही नहीं, बल्कि घरेलू मोर्चे पर भी भारत मजबूत स्थिति में है. FY27 के लिए विकास का खाका बना लिया है. भारतीयों की खरीदारी और मांग में लगातार सुधार हो रहा है. सरकार का निवेश और बुनियादी ढांचे का विकास अर्थव्यवस्था को बूस्ट दे रहा है. प्राइवेट इन्वेस्टमेंट के लिए कंपनियां अब निवेश के लिए आगे आ रही हैं, जो लंबी अवधि के विकास के लिए जरूरी है.

भारत-अमेरिका समझौते पर दी जानकारी

भारत-अमेरिका समझौते पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि भारत-अमेरिका समझौता इस साल पूरा हो जाएगा. हमारा विकास अनुमान इस बात पर निर्भर नहीं करता कि समझौता होता है या नहीं. अगर समझौता हो जाता है, तो इससे ग्रोथ के नबर्स तेजी से आगे बढ़ेंगे."

'डरने की बात नहीं, सतर्क रहने की जरूरत'

CEA ने संकेत दिया कि हालांकि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल है, लेकिन देश की मैक्रोइकॉनॉमिक्स स्टेबल है. महंगाई पर कंट्रोल और फिस्कल डेफिसिट को कम करने की दिशा में उठाए गए कदम भारत को एक मजबूत देश बनाते हैं.

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कुल मिलाकर, कह सकते हैं कि CEA नागेश्वरन का यह बयान निवेशकों और आम जनता के लिए राहत भरा है, जिससे पता चलता है कि भारत ना केवल विकास की तरफ लगातार बढ़ रहा है, बल्कि टैरिफ खतरों से निपटने के लिए भी तैयार है.

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