8th Pay Commission News: अगर आप केंद्रीय कर्मचारी हैं तो 8वें वेतन आयोग से जुड़ी हर जरूरी अपडेट के बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी है. केंद्र सरकार द्वारा गठित 8वें वेतन आयोग को आज 6 महीने पूरे हो चुके हैं. 18 महीने में आयोग को रिपोर्ट सौपनीं है. यानी कुल समय का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बीत गया है. इस दौरान कई बड़े अपडेट सामने आए जो सीधे तौर पर कर्मचारियों की सैलरी से लेकर रिटायरमेंट पेंशन से जुडे हैं. अब अगले 12 महीने में बड़े फैसले सामने आ सकते हैं. यानी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अगला एक साल बेहद अहम रहने वाला है. इस दौरान जो फैसले होंगे, वही तय करेंगे आपकी सैलरी, पेंशन और भत्ते में कितना बदलाव होगा.
फिलहाल यहां हम आपको 10 प्वॉइंट्स में बताने जा रहे हैं कि इस आधे साल के सफर में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए क्या-क्या बदल गया, जिनका सीधा असर 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 66 लाख पेंशनर्स की जेब पर पड़ने वाला है.
- 8वें वेतनआयोग का औपचारिक गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. इसके साथ ही सैलरी रिवीजन की प्रक्रिया ऑफिशियली शुरू हो गई.आयोग के पास अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए अब अगले 12 महीने का समय और बचा है.
- 8वां वेतन आयोग एक अस्थाई कमेटी है, जिसका काम कर्मचारियों की सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, इंक्रीमेंट और पेंशन सिस्टम को लेकर सुझाव देना होता है. इसका मकसद कर्मचारियों और पेंशनर्स का जीवन स्तर बेहतर करना है. बता दें, केंद्र सरकार की तरफ से हर 10 साल में पे कमिशन का गठन किया जाता रहा है.
- इस आयोग की कमान जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के हाथों में है. पिछले दिनों ने उन्होंने अलग-अलग पक्षों के साथ दिल्ली में बातचीत की थी. वर्तमान में आयोग डिस्कशन, कंसल्टेशन और मोमेरेंडम कलेक्शन के फेज में है. यानी अभी सुझाव लिए जा रहे हैं और सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत हो रही है.
- अप्रैल के महीने में आयोग के काम में तेजी आई और 10 अप्रैल के आसपास कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर स्टाफ की भर्ती शुरू की गई. यह टीम डेटा एनालिसिस और कन्सल्टेशन प्रोसेस को आगे बढ़ाने में मदद करेगी.
- 14 अप्रैल को नेशनल काउंसिल ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशिनरी (NC-JCM) ने 8वें पे कमीशन को 51 पेजों वाला मोमेरेंड सौंपा. इसमें कर्मचारियों की सभी प्रमुख मांगों और उम्मीदों का खाका तैयार किया गया है. 8वें वित्त आयोग के सामने NC-JCM ने डिमांड की एक लम्बी लिस्ट पेश की है. जिसका एक हिस्सा भी मान लिया गया तो ये बहुत बड़ी राहत होगी.
- 28 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली में आयोग और NC-JCM के प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई. इस तीन दिवसीय बैठक में सैलरी स्ट्रक्चर और सर्विस कंडीशन पर चर्चा की गई.पे कमीशन और NC-JCM के बीच यह पहली बार कोई मीटिंग हुई थी.
- कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.83 करने की मांग रखी है.7वें वित्त आयोग के समय पर फिटमेंट फैक्टर को 3 से नीचे रखा गया था. अगर यह मांग मानी जाती है, तो न्यूनतम वेतन में भारी उछाल आएगा. बता दें, 8वें पे कमीशन के फैसले से 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 66 लाख पेंशनर्स पर सीधा असर पड़ेगा.
- कुछ रिपोर्ट्स और कर्मचारी संगठनों की मांगों के आधार पर, 8वें वेतन आयोग के लागू होने से कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 30 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है.हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा.
- कर्मचारी संगठनों ने 8वें पे कमीशन के सामने ओल्ड पेंशन (OPS) की बहाली की मांग 6 महीनों में और मजबूत हुई है. कर्मचारियों की ओर से एनपीएस और यूपीएस की जगह पुरानी पेंशन की भी डिमांड की गई है.इसके साथ ही रिटायरमेंट की उम्र को वर्तमान 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का प्रस्ताव भी आयोग के सामने रखा गया है. इस पर आगे चर्चा होनी बाकी है.
- आयोग अब दिल्ली के बाहर का रुख करेगा, जिसमें 18-19 मई को हैदराबाद और जून में श्रीनगर और लद्दाख का दौरा प्रस्तावित है. मेमोरेंडम जमा करने की आखिरी तारीख 31 मई 2026 तक बढ़ा दी गई है. इसके बाद आयोग अलग-अलग शहरों में जाकर लोगों से बातचीत करेगा और फिर अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा.
इस तरह बीते 6 महीनों में 8वें वेतनआयोग की प्रक्रियाने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन असली फैसला अभी बाकी है.आने वाले महीने बेहद अहम होंगे, जो यह तय करेंगे कि आपकी सैलरी और पेंशन में कितना बदलाव होगा.














