8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग पर बड़ी बैठक, पेंशन और हेल्‍थ स्‍कीम समेत इन मुद्दों पर बात, पूरी डिटेल यहां

8th Pay Commission Meeting Today: मंजीत पटेल ने NDTV को बताया कि देश के यूनियन टेरिटरीज यानी केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़, लद्दाख समेत 5 तो ऐसे हैं जहां केंद्र के नियम और सैलरी वगैरह लागू हैं. कई जरूरी बातें बताईं, अंदर पढ़ें पूरी डिटेल.

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8th Pay Commission पर अहम मीटिंग में किन मुद्दों पर बात होगी, प्रेसिडेंट ने बताया डिटेल में.
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देश के 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स की निगाहें आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की ओर टिकी हुई हैं. हर बड़ी और छोटी से छोटी गतिविधि 1.19 करोड़ लोगों की जेब को प्रभावित कर सकती है. इसलिए इस संबंध में होने वाली बैठकें और महत्‍वपूर्ण हो जाती हैं. ऐसी ही एक अहम मीटिंग आज शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को होने वाली है. NC-JCM (स्टाफ साइड) के सचिव और AIRF के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा के साथ ये मीटिंग होगी, जिसमें पेंशन और हेल्‍थ स्‍कीम समेत कई मुद्दों पर बात होगी.  

मीटिंग में ऑल इंडिया NPS एंप्‍लाइज फेडरेशन के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्‍लाइज कन्‍फेडरेशन के चेयरमैन डॉ मंजीत सिंह पटेल कर्मचारियों और पेंशनर्स का पक्ष रखेंगे, जिन्‍हें विचार के बाद 8वें वेतन आयोग को भेजे जाने वाले कॉमन मेमोरेंडम में शामिल किया जाएगा. 

मीटिंग के बारे में NDTV इंडिया डिजिटल ने ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल से बात की. 

किन मुद्दों पर हो सकती है बात? 

इस मीटिंग में कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े कई जरूरी मुद्दों पर बातचीत होगी. मंजीत पटेल ने बताया कि इस मुद्दे पर वो आज NC-JCM (स्टाफ साइड) के सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा के साथ मीटिंग करने वाले हैं. उन्‍होंने बताया कि मेन मुद्दा यूनियन टेरिटरी (UT) और उन सेंट्रल ऑटोनोमस बॉडी से जुड़ा है, जहां सीधे केंद्र सरकार की स्‍कीम्‍स और प्रोविजन्‍स लागू होते हैं. 

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इस मीटिंग में UT और CAB कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS), सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ केयर स्कीम (CGHS) और एक साल की पैरेंट केयर लीव जैसे अहम मुद्दों पर बात होगी.  

प्रेसिडेंट ने बताया- असली पेच कहां है

मंजीत पटेल ने NDTV को बताया कि देश के यूनियन टेरिटरीज यानी केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़, लद्दाख समेत 5 तो ऐसे हैं जहां केंद्र के नियम और सैलरी वगैरह लागू हैं. वहीं दिल्‍ली, जम्‍मू-कश्‍मीर में केंद्रीय सेवा नियम लागू हो चुके हैं, जबकि पुडुचेरी में अलग कैडर मैनेजमेंट के बावजूद वेतन केंद्रीय वेतन आयोग के आधार पर ही दिया जाता है. 

जिन 5 यूटी की बात ऊपर की गई है, वहां केंद्र सरकार के नियम, सैलरी और पेंशन स्‍ट्रक्‍चर, CGHS जैसी हेल्‍थ स्‍कीम्‍स तुरंत प्रभाव से लागू होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है. कई बार 3 महीने तो कभी 6 महीने भी लग जाते हैं. ये दोहरा व्‍यवहार नहीं होना चाहिए. 

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मेमोरेंडम में शामिल हो CAB और UT कर्मियों की बात

उन्‍होंने बताया, 'फेडरेशन की सबसे बड़ी मांग यही है कि केंद्रीय कर्मचारियों से जुड़े सभी आदेश UT और CAB कर्मचारियों पर भी तुरंत प्रभाव से लागू हों. डॉ मंजीत पटेल के मुताबिक 2021 का पेंशन ऑर्डर और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) जैसे फैसले अब तक कई CAB कर्मचारियों पर लागू नहीं हुए हैं. इस वजह से उन्‍हें एक समान लाभ नहीं मिल पाता है. ये भेदभाव नहीं होना चाहिए. उन्‍होंने बताया कि इन मुद्दों पर वो NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा के सामने अपने प्रस्‍ताव रखेंगे, जिन्‍हें 8वें वेतन आयोग को भेजे जाने वाले कॉमन मेमोरेंडम में शामिल किया जा सके. 

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