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This Article is From Sep 06, 2025

EXCLUSIVE: आखिर क्यों अपनी ही फिल्म नहीं देखते हैं मनोज बाजपेयी, किया खुलासा- कहते मुझे नजर आती है कमियां

बिहार के चंपारण से मुंबई माया नगरी का सफर तय करने वाले मनोज बाजपेयी आज किसी परिचय का मोहताज नहीं हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मनोज बाजपेयी खुद अपनी फिल्में कभी नहीं देखते हैं, आइए बताते हैं क्यों.

EXCLUSIVE: आखिर क्यों अपनी ही फिल्म नहीं देखते हैं मनोज बाजपेयी, किया खुलासा- कहते मुझे नजर आती है कमियां
आखिर क्यों अपनी ही फिल्म नहीं देखते हैं मनोज बाजपेयी
नई दिल्ली:

बॉलीवुड इंडस्ट्री में ऐसे कई सारे एक्टर हैं, जो बहुत छोटी जगह से निकल कर आए और बड़े पर्दे पर आकर धमाल मचा दिया. ना केवल बड़े पर्दे पर बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म और टेलीविजन पर भी इन्होंने खूब पॉपुलैरिटी हासिल की. जिस सेलिब्रिटी की हम बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं बल्कि बिहार के चंपारण जिले के बेलवा नाम के छोटे से गांव से आए मनोज बाजपेयी हैं, जो अपनी जिंदादिल अंदाज और बड़े पर्दे पर अपनी परफॉर्मेंस के लिए जाने जाते हैं. उनकी एक्टिंग इतनी सधी हुई है कि कोई भी उसमें नुस्ख नहीं निकल सकता हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं मनोज बाजपेयी अपनी ही फिल्में नहीं देखते हैं, आखिर क्यों आइए हम आपको बताते हैं. 

क्यों अपनी ही फिल्में नहीं देखते मनोज बाजपेयी 

मनोज बाजपेयी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपनी जिंदगी से जुड़े पहलुओं पर बात की. इस दौरान जब मनोज बाजपेयी से पूछा गया कि क्या वो अपनी फिल्में देखते हैं? जिसका जवाब देते हुए मनोज बाजपेयी ने कहा कि वो अपनी फिल्में कभी नहीं देखते हैं, क्योंकि वो एक्टिंग की एक ऑन गोइंग प्रोसेस में है और हर दिन कुछ सीखते हैं. अगर वो अपनी फिल्में देखेंगे तो उन्हें कमियां नजर आएंगी और उन कमियों को देखकर उन्हें एंजाइटी होगी, इसलिए वो अपनी फिल्में ही नहीं देखते हैं. जबकि मनोज बाजपेयी बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टरों में गिने जाते हैं, राजनीति में उनका दबंग अंदाज हो या फैमिली मैन में उनका एजेंट वाला रूप हर रोल में मनोज बाजपेयी खुद को बखूबी फिट किया हैं. 

ऐसा रहा मनोज बाजपेयी का एक्टिंग करियर 

13 अप्रैल 1969 को बिहार के चंपारण में जन्मे मनोज बाजपेयी ने 17 साल की उम्र में एक्टर बनने की इच्छा जताई और दिल्ली चले आए. कई बार उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन की कोशिश की, लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया. फिर उन्होंने बैरी जॉन के साथ मिलकर छोटे-छोटे नाटक करना शुरू किया. इसके बाद उन्होंने बैंडिट क्वीन से अपने करियर की शुरुआत की. हालांकि, 1998 में आई उनकी फिल्म सत्या से उन्हें खूब पॉपुलैरिटी मिली, इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवार्ड और फिल्मफेयर अवार्ड भी दिया गया. 2019 में मनोज बाजपेयी को एक्टिंग में बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका हैं. मनोज बाजपेयी ने अपने फिल्मी करियर में शूल, कौन, सत्या, फैमिली मैन वेब सीरीज जैसे कई फिल्में और शोज किए हैं.

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