विवेक ओबेरॉय ने किसानों के बच्चों की मदद के लिए आए आगे, शुरू किया 16 करोड़ की स्कॉलरशिप से जुड़ा अभियान

विवेक ओबेरॉय (Vivek Oberoi) ने छात्रों को योग्य बनाने के लिए अभियान शुरू किया है, जिसमें वह होनहार छात्रों को 16 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप प्रदान करेंगे.

विवेक ओबेरॉय ने किसानों के बच्चों की मदद के लिए आए आगे, शुरू किया 16 करोड़ की स्कॉलरशिप से जुड़ा अभियान

विवेक ओबेरॉय (Vivek Oberoi) ने किसानों के बच्चों की मदद के लिए बढ़ाया हाथ

खास बातें

  • विवेक ओबेरॉय ने किसानों के बच्चों की मदद के लिए बढ़ाया हाथ
  • शुरू की 16 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप से जुड़ा अभियान
  • जेईई और नीट की परीक्षा में मदद के लिए बनी है स्कॉलरशिप
नई दिल्‍ली:

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर विवेक ओबेरॉय (Vivek Oberoi) ने छात्रों को योग्य बनाने के लिए अभियान शुरू किया है, जिसमें वह होनहार छात्रों को 16 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप प्रदान करेंगे. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश में गरीब किसानों के बच्चों की मदद करना है. ऐसे में विवेक ओबेरॉय अपने इस कदम के जरिए किसानों के बच्चों की मदद के लिए आगे आए हैं. यह स्कॉलरशिप बच्चों को जेईई और नीट जैसी परीक्षा को पास करने में भी उनकी मदद करेगी. इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह होनहार बच्चों की मदद करना चाहते हैं. 


विवेक ओबेरॉय (Vivek Oberoi) ने अपने इस अभियान के बारे में बात करते हुए कहा, "अगर कोई बच्चा गांव से बाहर निकलकर आता है तो वह केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि गांव को भी साथ लाता है. हमारे आसपास ही बहुत से होनहार और प्रतिभाशील विद्यार्थी हैं रहते हैं, लेकिन वह आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए किसी अच्छे कॉलेज और कोचिंग सेंटर में दाखिला नहीं ले पाते हैं. ऐसे में मैं यह बिल्कुल नहीं चाहता कि होनहार बच्चों को अपनी भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पीछे हटना पड़े. इसलिए मैंने और मेरी टीम ने उनके करियर को संवारने और उनका सपना पूरा करने में मदद करने के लिए यह कदम उठाया है. 

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विवेक ओबेरॉय (Vivek Oberoi) का यह स्कॉलरशिप कैंपेन आनंद कुमार के सुपर 30 कार्यक्रम के तहत I30 ट्रेनिंग प्रोग्राम के नाम से लॉन्च किया गया है. यह गांव में बच्चों को शिक्षित करने के लिए उच्च शिक्षा और प्रोग्रेसिव मोड्यूल्स का इस्तेमाल करता है. i30 के तहत ही छोटे शहरों में करीब 90 वर्चुअल लर्निंग सेंटर शुरू किये गए हैं, जिससे आईआईटी और मेडिकल छात्र आसानी से शहरों की इन क्लासरूम तक पहुंच सकें और उचित दाम पर जेईई और नीट की परीक्षा की तैयारी कर सकें.