भारतीय सिनेमा और म्यूजिक की जब भी बात आती है तो किशोर कुमार का नाम उसमें पहले आता है. किशोर कुमार ने अपनी आवाज से एक लंबे समय तक लोगों का मनोरंजन किया है. आज भी उनके गाने लोगों के दिलों में बसते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किशोर कुमार ने अपनी जिंदगी का आखिरी गाना कौन सा और कब गाया था? आज हम आपको किशोर कुमार के आखिरी गाने के बारे में बताने जा रहे हैं. तो आइए जानते हैं वो कौन सा गाना था और किस फिल्म के लिए गाया गया था.
कौन सा था किशोर कुमार का आखिरी गाना?
वह 12 अक्टूबर 1987 का दिन था. मुंबई के एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो में किशोर कुमार फिल्म 'वक्त की आवाज' के लिए "गुरु गुरु आ जाओ गुरु" गीत रिकॉर्ड करने पहुंचे थे. इस गाने का संगीत बप्पी लहरी ने तैयार किया था, जबकि इस डुएट सॉन्ग में उनके साथ आशा भोसले ने भी अपनी आवाज दी थी. रिकॉर्डिंग के दौरान किशोर कुमार हमेशा की तरह बेहद खुशमिजाज थे. वह मजाक कर रहे थे और पूरे उत्साह के साथ गाना रिकॉर्ड कर रहे थे. स्टूडियो में मौजूद किसी भी व्यक्ति को यह अंदाजा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी रिकॉर्डिंग साबित होगी.
अगले ही दिन हार्ट अटैक से हुआ निधन
अगले ही दिन 13 अक्टूबर 1987 को हार्ट अटैक के कारण किशोर कुमार का निधन हो गया. उनके अचानक चले जाने से पूरा फिल्म और संगीत जगत सन्न रह गया. इसके साथ ही फिल्म वक्त की आवाज का यह गीत उनके करियर का अंतिम रिकॉर्ड किया गया गाना बन गया. बाद में यह गाना मिथुन चक्रवर्ती और श्रीदेवी पर फिल्माया गया और काफी फेमस हुआ.
अमर हुई किशोर कुमार की आवाज
किशोर कुमार ने अपने करियर में हिंदी के अलावा बंगाली, मराठी, गुजराती, कन्नड़ और कई अन्य भाषाओं में हजारों गीत गाए. हिंदी फिल्मों में ही उन्होंने 2,600 से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दी. उन्होंने राजेश खन्ना के लिए 245 से ज्यादा और जितेंद्र के लिए 200 से ज्यादा गाने गाए. "रूप तेरा मस्ताना", "जिंदगी एक सफर है सुहाना", "पल पल दिल के पास" और "मेरे सपनों की रानी" जैसे गाने आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं.
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