20 अप्रैल 1985 को सिनेमाघरों में धमाल मचाने वाली फिल्म 'अर्जुन (Arjun)' आज ठीक 41 साल बाद भी बॉलीवुड के इतिहास में अपनी अलग जगह बनाए हुए है. राहुल रावैल निर्देशित यह एक्शन-ड्रामा फिल्म सनी देओल (Sunny Deol) की 'बेताब' के बाद दूसरी बड़ी हिट साबित हुई और उन्हें हिंदी सिनेमा के एक्शन हीरो के तौर पर पहचान दिलाई. लेकिन फिल्मों से जुड़े कई मजेदार किस्से होते हैं. ऐसा ही एक किस्सा आईएमडीबी के ट्रिविया में भी मिलता है जिसमें हीरोइन को लेकर सनी देओल ने पापा धर्मेंद्र की बात नहीं मानी थी. यही नहीं, उन्होंने अपनी मर्जी की हीरोइन लेकर फिल्म को हिट भी करवाया और मणिरत्नम तो इसे अपनी पसंदीदा फिल्म मानते हैं.
पिता बनाम बेटे की जिद: हीरोइन को लेकर मचा तूफान
फिल्म की तैयारी के दौरान हीरोइन को लेकर देओल परिवार में मामूली विवाद भी हो गया. प्रोड्यूसर और सनी देओल के पापा धर्मेंद्र बार-बार कह रहे थे कि हीरोइन पद्मिनी कोल्हापुरे को साइन कर लो. वे मानते थे कि पद्मिनी की मासूमियत और सनी का जुनूनी अंदाज परफेक्ट जोड़ी बनेगा. लेकिन सनी देओल ने साफ मना कर दिया. उन्होंने अपनी कथित गर्लफ्रेंड डिम्पल कपाड़िया को हीरोइन बनाने की जिद पकड़ ली.\
डायरेक्टर राहुल रावैल ने सनी की जिद मान ली और डिम्पल को कास्ट कर लिया. यह फैसला इतना विवादास्पद था कि उसके बाद सनी और पद्मिनी कोल्हापुरे की जोड़ी कभी स्क्रीन पर नहीं दिखी. आईएमडीबी ट्रिविया में यह बात साफ दर्ज है कि यह पिता-पुत्र के बीच पहला बड़ा टकराव था, जो फिल्म की सफलता के बावजूद भुलाया नहीं जा सका. मूल रूप से अमृता सिंह को भी हीरोइन के लिए सोचा गया था, लेकिन कुछ गलतफहमी के कारण वे बाहर हो गईं.
एक करोड़ 50 लाख के बजट में बनी सुपरहिट फिल्म
जावेद अख्तर ने कहानी और संवाद लिखे, जबकि आरडी बर्मन ने संगीत दिया. फिल्म में सनी देओल ने अर्जुन का रोल निभाया, एक नौजवान जो कॉलेज के बाद भ्रष्टाचार, अपराध और अन्याय के खिलाफ अपने दोस्तों के साथ मोर्चा खोल देता है. डिम्पल कपाड़िया ने उनकी गर्लफ्रेंड का किरदार बखूबी निभाया. फिल्म की स्टारकास्ट में राज किरण, प्रेम चोपड़ा, अनुपम खेर, परेश रावल, ए.के. हंगल और सुप्रिया पाठक जैसे दिग्गज शामिल थे.
बॉक्स ऑफिस पर तहलका
अर्जुन ने रिलीज के बाद तहलका मचा दिया. दुनिया भर में फिल्म ने 8.5 करोड़ की कमाई के साथ यह 1985 की टॉप हिट फिल्मों में शामिल हो गई. 1985 में रिलीज हुई फिल्म 'अर्जुन' का कुल बजट सिर्फ 1 करोड़ 50 लाख रुपये था. सनी देओल की 'बेताब' के बाद यह दूसरी बड़ी सफलता थी, जिसने उन्हें एक्शन हीरो का टैग दिया. डिम्पल कपाड़िया भी अपनी वापसी में धमाल मचाने में सफल रहीं.
41 साल बाद भी 'अर्जुन' क्यों याद की जाती है?
आज 20 अप्रैल 2026 को जब अर्जुन फिल्म ने 41 साल पूरे कर लिए हैं, तो 'अर्जुन' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक युग की याद बन गई है. सनी देओल की फिल्मोग्राफी में 'अर्जुन' हमेशा स्पेशल रहेगी, क्योंकि यह वह फिल्म थी जिसने उन्हें सच्चे एक्शन हीरो में तब्दील कर दिया.
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