लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं और तब से उनका वजन करीब साढ़े आठ किलो तक कम हो गया है, जिसे देखते हुए देश की कई बड़ी हस्तियों ने इस पर सवाल उठाए हैं. गुरुवार को अभिनेत्री फातिमा सना शेख और श्वेता तिवारी ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी राय रखी. फातिमा सना शेख ने इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, "सोनम वांगचुक जी के अनशन (भूख हड़ताल) को आज 19 दिन हो गए हैं. हमें तब तक इंतजार नहीं करना चाहिए जब तक कि उनकी तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ न जाए. सोनम जी ने हमारे देश के लिए बहुत बड़े और अच्छे काम किए हैं. अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए उन्हें इस तरह अपनी जान दांव पर न लगानी पड़े, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए."
अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर नोट शेयर करते हुए लिखा, "राजनीति को अलग रखकर देखें तो हमारे युवाओं और छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना सबसे जरूरी है. सोनम जी को इस तरह कमजोर होते देखना बेहद दुखद है. उम्मीद है कि सरकार बातचीत के जरिए जल्द ही इसका कोई शांतिपूर्ण समाधान निकालेगी. आज के नौजवान ही देश का आने वाला कल हैं. हमारा यह फर्ज बनता है कि हम उनके साथ खड़े हों और एक बेहतर व सुरक्षित भविष्य पाने में उनका पूरा साथ दें."
वहीं सोनाक्षी सिन्हा ने भी सोनम वांगचुक के समर्थन में एक वीडियो पोस्ट किया. उन्होंने वीडियो में कहा, "अब देखा नहीं जा रहा, दिल नहीं मान रहा, वांगचुक सर, हम आपको खोना नहीं चाहते". एक्ट्रेस ने कहा, "हम सब उन्हें जानते हैं, वो हमें नहीं जानते. देश के लिए, देश के बच्चों के भविष्य के लिए उन्होंने 18 दिनों से खाना नहीं खाया है. और बहुत सारे लोग चुप हैं. तो मुझसे तो नहीं रहा गया, अब जो होना है होगा, नो प्रॉब्लम लेकिन मैं चुप नहीं बैठ सकती".

श्वेता तिवारी ने कहा, "सोनम वांगचुक जी शिक्षा और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए एक सही और जरूरी मुद्दे के लिए आवाज उठा रहे हैं. इस मुद्दे पर ध्यान दिया जाना चाहिए और सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए.
अभिनेत्री ने ये स्पष्ट किया कि उनका सीजेपी पार्टी से कोई समर्थन नहीं है. उनका मानना है कि सीजेपी अपने काम के लिए सोनम वांगचुका का फायदा उठा रही है. उन्होंने लिखा, "जिस तरह से सीजेपी इस मामले को संभाल रहे हैं, मैं उससे सहमत नहीं हूं. मुझे लगता है कि वे सोनम वांगचुक के संघर्ष का इस्तेमाल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं. मैं इस तरीके का समर्थन नहीं करती. मेरा समर्थन केवल सोनम वांगचुक और उस मुद्दे के लिए है, जिसके लिए वे संघर्ष कर रहे हैं, न कि किसी राजनीतिक समूह या संगठन के लिए जो इससे अपना फायदा उठाना चाहता है."
उन्होंने आखिरी में लिखा, "हमारे राजनीतिक विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन हम ऐसे व्यक्ति को खोने का जोखिम नहीं उठा सकते जिसने अपना जीवन देश और शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया है. हमारा ध्यान उनके संदेश, उनकी सेहत और इस समस्या के सही समाधान पर होना चाहिए."
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