1950 और 1960 का दशक एक ऐसा दौर था, जब महिलाओं का शिक्षा प्राप्त करना भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी. उस समय एक अभिनेत्री और नृत्यांगना ने अपनी कला और सुंदरता के जरिए हिंदी फिल्म उद्योग पर एक ऐसी अमिट छाप छोड़ी, जिसकी मिसाल आज तक कायम है. हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा की एक मशहूर अभिनेत्री और शानदार डांसर मीनू मुमताज की. शुक्रवार को उनकी पुण्यतिथि मनाई जाएगी. इस मौके पर आइए हम आपको उनकी निजी जिंदगी से लेकर करियर के बारे में बताते हैं.
मीनू मुमताज का असली नाम
मीनू मुमताज का असल नाम मलिकुन्निसा अली था. उनका जन्म 26 अप्रैल 1942 को मुंबई के एक कला प्रेमी परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम मुमताज अली था, जो कि एक प्रसिद्ध डांसर और चरित्र अभिनेता थे. उनकी माता का नाम लतीफ उन्निसा था. वह 8 भाई-बहनें थीं. प्रसिद्ध कॉमेडियन महमूद अली उनके सगे भाई थे.
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मीनू को बचपन से ही नृत्य में काफी रुचि थी. वह अक्सर अपने पिता के साथ अलग-अलग शहरों में जाकर स्टेज शो किया करती थी. हालांकि पिता की शराब की लत के कारण उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब रहती थी. इस परिस्थिति में मीनू ने छोटी उम्र में यह फैसला लिया कि वह स्टेज शो के साथ फिल्मों में भी अपना करियर बनाएगी.
13 वर्ष की उम्र में मिला मौका
उनकी कला और मेनहत जल्द ही रंग लाई और महज 13 वर्ष की आयु में 1955 में निर्देशक नानूभाई वकील ने उन्हें फिल्म 'सफी खातिम' में पहला मौका दिया. हालांकि उन्हें असली सफलता वर्ष 1956 में गुरुदत्त की सुपरहिट फिल्म 'सीआईडी' से मिली. इस फिल्म ने मीनू को रातों रात लोकप्रिय बना दिया.
इसके बाद उनकी किस्मत चमक उठी और उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में काम किया. वह सिर्फ खूबसूरत अभिनेत्री नहीं, बल्कि बेहतरीन डांसर भी थीं. उन्होंने हीरोइन के रोल के साथ-साथ कैरेक्टर रोल और साइड रोल भी किए. मीनू की कुछ प्रमुख फिल्मों की बात करें तो उनमें 'आशा', 'माई बाप', 'हलाकू', 'घर घर की बात', 'चित्रलेखा', 'चौदहवीं का चांद', 'कागज के फूल' और 'हावड़ा ब्रिज' जैसी कई प्रसिद्ध फिल्में शामिल हैं.
मीनू मुमताज ने 12 जून 1963 को फिल्म निर्देशक सैयद अली अकबर (एस. अली अकबर) से शादी की थी. उनके चार बच्चे (तीन बेटियां और एक बेटा) हुए. शादी और बच्चों के जन्म के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली. उन्होंने अपने जीवन के आखिरी वर्ष कनाडा में बिताए. 23 अक्टूबर 2021 को 79 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया.
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