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This Article is From Apr 05, 2025

इस गीतकार ने 12 साल तक सिर्फ मनोज कुमार के लिए लिखे गाने, उनके निधन पर बोले- मैं भी अब लाइन में हूं...

मनोज कुमार का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है और उनका अंतिम संस्कार मुंबई में हो गया. उनके निधन पर गीतकार संतोष आनंद इमोशनल हो गए और उन्होंने बताया कि कैसे थे एक्टर.

इस गीतकार ने 12 साल तक सिर्फ मनोज कुमार के लिए लिखे गाने, उनके निधन पर बोले- मैं भी अब लाइन में हूं...
मनोज कुमार के निधन पर गीतकार ने साझा किया दर्द
नई दिल्ली:

भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार का शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025 को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. 87 वर्षीय मनोज कुमार ने अपनी देशभक्ति से भरी फिल्मों जैसे शहीद, क्रांति, पूरब और पश्चिम और उपकार से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी. उनके निधन की खबर से बॉलीवुड और उनके फैन्स में शोक की लहर दौड़ गई. मनोज कुमार के साथ लंबे समय तक काम करने वाले प्रसिद्ध गीतकार संतोष आनंद ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की.

संतोष आनंद ने पीटीआई से बातचीत में कहा, 'मैं अभी बोलने की स्थिति में नहीं हूं, मनोज कुमार जी के साथ मेरा गहरा रिश्ता था. 1969 से 1981 तक मैंने किसी और के साथ काम नहीं किया. ना वे किसी और के साथ काम करना चाहते थे, ना मैं. आज वे हमें छोड़कर चले गए. मैं भी अब लाइन में हूं. उनकी फिल्म का एक गाना याद आता है- जीवन का मतलब तो आना और जाना होता है.'

मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 को हुआ था और उन्होंने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दीं. उनकी फिल्में न केवल मनोरंजन का साधन थीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का भी माध्यम बनीं. पूरब और पश्चिम और रोटी कपड़ा और मकान जैसी फिल्मों में उनके अभिनय और निर्देशन की खूब सराहना हुई. उन्हें भारत कुमार के नाम से भी जाना जाता था, जो उनकी देशभक्ति की भावना को दर्शाता है.

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