जब भी भगवान हनुमान का जिक्र होता है मन में दारा सिंह का चेहरा आ जाता है. रामानंद सागर की रामायण में दारा ने उस किरदार को ऐसी शिद्दत से निभाया कि दोबारा कोई उनकी तरह लगा ही नहीं. ऐसा लगता है मानो वही भगवान का दूसरा रूप हों. हनुमान जी ने तो उन्हें अपने इस किरदार के लिए चुना ही दारा सिंह ने भी इसे पर्दे पर उतारने के लिए जान लगा दी. उनके बारे में जानेंगे तो आप भी समझ जाएंगे कि इस किरदार को उन्होंने किस गंभीरता से निभाया और यही वजह रही कि वह पर्दे पर छा गए.
60 साल की उम्र में ऑफर हुआ हनुमान का रोल
दारा सिंह को अपने करियर का ये सबसे बड़ा रोल 60 साल की उम्र में ऑफर हुआ था. उनके बेटे विंदू जो खुद हनुमान का किरदार निभा चुके हैं ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता शुरू में हनुमान का रोल करने में हिचकिचा रहे थे. दारा सिंह को लगा कि शायद वह इस रोल के लिए बूढ़े हो गए हैं. उन्होंने मेकर्स को कहा कि वो 60 साल के हो चुके हैं और इस रोल के लिए उन्हें किसी यंग एक्टर को चुनना चाहिए. लेकिन रामानंद सागर की जिद पर वह इस किरदार के लिए तैयार हुए और इतिहास रच दिया.किरदार के लिए उन्होंने नॉनवेज खाना छोड़ दिया था. मुंह पर मेकअप और मोल्ड होता था जिस वजह से वो खा नहीं पाते थे और शूटिंग के दौरान 7-8 घंटे भूखे भी रहना पड़ता था.

बेटे विंदू दारा सिंह को भी मिला हनुमान बनने का मौका
विंदू दारा सिंह तो तीन बार हनुमान का किरदार निभाने का मौका मिला. पहली बार वह साल 2006 में श्री रामदासू नाम की एक तेलुगु फिल्म में हनुमान बने. इसके बाद 2009 में मारुति मेरा दोस्त में हनुमान के किरदार में नजर आए. 2011 में विंदू श्री रामराज्यम में भगवान हनुमान बनकर पर्दे पर उतरे. पर्सनल लाइफ की बात करें तो विंदू दारा सिंह ने 1996 में फराह नाज से शादी की. फराह एक्ट्रेस तब्बू की बड़ी बहन हैं. ये शादी 1996 से 2002 तक चली. इसके आधार पर कहा जा सकता है फराह के एक्स ससुर और एक्स पति दोनों ही हनुमान का रोल निभा चुके हैं.
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