Meena Kumari 10 photos: 31 मार्च 1972 को दुनिया को अलविदा कहने वाली मीना कुमारी सिर्फ एक अदाकारा नहीं थीं, बल्कि दर्द, मोहब्बत और तन्हाई की एक जीती जागती कहानी थीं. पर्दे की ट्रेजेडी क्वीन की रियल लाइफ भी उतनी ही दर्द भरी थी. उनकी पुण्यतिथि पर जानते हैं उनकी जिंदगी के 10 ऐसे पहलू, जो हर तस्वीर के साथ एक नई कहानी बयां करते हैं.

जन्म के साथ ही शुरू हुआ दर्द
मीना कुमारी का असली नाम महजबीं बानो था. जन्म के बाद उनके पिता उन्हें अनाथालय तक छोड़ आए थे, क्योंकि वे बेटे की उम्मीद कर रहे थे. उनका परिवार बेहद गरीब था, एक बच्ची की परवरिश उनके पिता के लिए मुश्किल थी. बाद में मां के कहने पर उन्हें वापस घर लाया गया.

मजबूरी में शुरू हुआ करियर
घर की आर्थिक हालत खराब थी, इसलिए उन्होंने बहुत कम उम्र में काम शुरू कर दिया. महज 4 साल की उम्र में उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था. वहीं 13 साल की उम्र में वह हीरोइन बन गईं.

बचपन छिन गया, जिम्मेदारियां मिल गईं
खेलने-कूदने की उम्र में ही मीना कुमारी घर चलाने लगी थीं. धीरे-धीरे वह परिवार की कमाई का मुख्य जरिया बन गईं.

“ट्रेजेडी क्वीन” क्यों बनीं
उनकी आंखों में दर्द इतना सच्चा होता था कि उन्हें “ट्रेजेडी क्वीन” कहा जाने लगा. स्क्रीन पर रोने के लिए उन्हें कभी ग्लिसरीन की जरूरत नहीं पड़ती थी.

सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचीं
‘बैजू बावरा', ‘साहिब बीबी और गुलाम' और ‘पाकीज़ा' जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया. 50-60 के दशक में वह हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं.

शायरी में भी उतनी ही गहराई
मीना कुमारी सिर्फ एक्ट्रेस नहीं, बल्कि एक शायरा भी थीं. “नाज़” नाम से उन्होंने कई नज़्में और ग़ज़लें लिखीं, जिनमें उनकी तन्हाई झलकती है.

प्यार और शादी भी बनी दर्द की वजह
उन्होंने कमाल अमरोही से शादी की, लेकिन रिश्ता ज्यादा समय तक खुशहाल नहीं रहा. शादी के बाद उनकी जिंदगी में पाबंदियां और तनाव बढ़ते गए.

कार हादसे का हुईं शिकार
एक कार एक्सीडेंट के बाद उनकी हाथ की एक अंगुली का तो शेप ही पूरी तरह बिगड़ गया. शूटिंग के दौरान मीना कुमारी बड़ी सफाई से इस अंगुली को कैमरे की नजर से बचा लेती थीं.

अकेलापन और शराब की लत
निजी जिंदगी के दर्द और अकेलेपन ने उन्हें शराब की ओर धकेल दिया. धीरे-धीरे यह आदत उनकी सेहत पर भारी पड़ने लगी. यहां तक कि उन्हें लिवर सिरोसिस की बीमारी भी हो गई.

38 साल में खत्म हुई कहानी
31 मार्च 1972 को सिर्फ 38 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. लेकिन उनकी फिल्में और उनकी अदाकारी आज भी उन्हें अमर बनाती हैं.
ये भी पढ़ें -
Dhurandhar 2 : नबील गबोल नहीं, ये पाक नेता है असली जमील जमाली, यालीना जैसी है बेटी, 'सारे जहां से अच्छा' गाते वीडियो वायरल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं