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18 साल से जापान में चला रहे थे रेस्टोरेंट, अचानक मिला ‘अपने देश लौट जाओ’ का आदेश, रो पड़े भारतीय कारोबारी

जापान में पिछले 18 साल से भारतीय रेस्टोरेंट चला रहे एक भारतीय कारोबारी की कहानी ने लोगों को भावुक कर दिया है. जापान के सैतामा प्रीफेक्चर में रहने वाले मनीष कुमार का बिजनेस मैनेजर वीजा रिन्यू करने से जापानी अधिकारियों ने इनकार कर दिया, जिसके बाद अब उन्हें अपना रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ गई है.

18 साल से जापान में चला रहे थे रेस्टोरेंट, अचानक मिला ‘अपने देश लौट जाओ’ का आदेश, रो पड़े भारतीय कारोबारी
30 साल से जापान में रह रहे थे मनीष कुमार

जापान में पिछले 18 साल से भारतीय रेस्टोरेंट चला रहे एक भारतीय कारोबारी की कहानी ने लोगों को भावुक कर दिया है. जापान के सैतामा प्रीफेक्चर में रहने वाले मनीष कुमार का बिजनेस मैनेजर वीजा रिन्यू करने से जापानी अधिकारियों ने इनकार कर दिया, जिसके बाद अब उन्हें अपना रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ गई है. टोक्यो में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मनीष कुमार मीडिया के सामने रो पड़े और उन्होंने कहा कि उनके बच्चों का जन्म और परवरिश जापान में हुई है, वे सिर्फ जापानी भाषा समझते हैं, फिर भी परिवार को भारत लौटने के लिए कहा जा रहा है. इस घटना के बाद जापान की नई इमिग्रेशन नीति पर बहस तेज हो गई है.

‘मेरे बच्चों का घर जापान ही है'

मनीष कुमार ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि उन्हें दो हफ्ते पहले जापान की इमिग्रेशन सर्विस एजेंसी (ISA) की तरफ से देश छोड़ने के लिए कहा गया. उन्होंने भावुक होकर कहा, “मेरे बच्चे जापान में पैदा हुए, यहीं बड़े हुए. उनके दोस्त जापानी हैं और वे सिर्फ जापानी भाषा समझते हैं. अब हमें कहा जा रहा है कि भारत लौट जाओ. मैं अपने परिवार के साथ क्या करूं?”

मनीष कुमार का कहना है कि उन्होंने सालों की मेहनत से अपना कारोबार खड़ा किया था, लेकिन अब एक फैसले ने सब कुछ संकट में डाल दिया है. उनकी कहानी सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है.

जापान के नए नियमों से बढ़ी परेशानी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जापान ने अक्टूबर 2025 में बिजनेस मैनेजर वीजा से जुड़े नियमों को काफी सख्त कर दिया था. सरकार का कहना है कि कुछ लोग इस वीजा का इस्तेमाल लंबे समय तक जापान में रहने के आसान रास्ते के तौर पर कर रहे थे, जबकि उनका बिजनेस वास्तविक नहीं था.

हालांकि आलोचकों का कहना है कि नए नियमों की वजह से असली और छोटे कारोबारी भी प्रभावित हो रहे हैं. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नए नियम लागू होने के बाद बिजनेस मैनेजर वीजा के आवेदन में 96 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है. जहां पहले हर महीने करीब 1700 आवेदन आते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर सिर्फ 70 रह गई है.

विदेशी कारोबारियों में बढ़ रहा डर

मनीष कुमार का मामला अब जापान में रह रहे दूसरे विदेशी कारोबारियों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है. कई छोटे बिजनेस मालिकों का कहना है कि वे वर्षों से जापान की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं, लेकिन अब नई नीतियों के कारण उनका भविष्य असुरक्षित महसूस हो रहा है.

विशेषज्ञों का मानना है कि जापान एक तरफ विदेशी निवेश और कारोबार को बढ़ावा देना चाहता है, लेकिन दूसरी तरफ सख्त इमिग्रेशन नियमों से विदेशी उद्यमियों के बीच डर का माहौल बनता जा रहा है. फिलहाल मनीष कुमार और उनका परिवार अपने भविष्य को लेकर गहरे संकट में हैं.

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