लता मंगेशकर को कौन नहीं जानता. उनके संगीत की दुनिया में योगदान आज भी याद किया जाता है. उन्होंने कई फिल्मों में अपनी आवाज दी. लेकिन राज कपूर उन फिल्ममेकर्स में से एक थे, जिन्होंने उनके शुरूआती दिनों में सिंगर के साथ काम किया. 1948 से लेकर राज कपूर के आखिरी दिनों तक दोनों ने जिंदगी के कई उतार चढ़ाव देखे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि लता मंगेशकर ने एक बार उनके लिए गाने से मना कर दिया था. इसका कारण सिंगर के भाई ह्दयनाथ मंगेशकर को अचानकर निकाला जाना था.
दरअसल, राज कपूर द वन एंड ओनली शौमेन बुक में इस बात का जिक्र किया गया, जब सुपरस्टार ने लता मंगेशकर को उनकी फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम का हिस्सा बनने के लिए कहा. लेकिन बाद में बिना सिंगर के जानकारी के उन्होंने उनके भाई को लक्ष्मीकांत प्यारेलाल से रिप्लेस कर दिया.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
बुक में लता द्वारा कहा गया, वह मेरे भाई ह्दयनाथ मंगेशकर को म्यूजिक देने के लिए चाहते थे. मैंने अपने भाई को मनाने की कोशिश की, जो फिल्मों में म्यूजिक देने के लिए राजी नहीं थे. बता दें कि सिंगर मुकेश ने ह्दयनाथ का नाम राज कपूर को सुझाया था. लेकिन जब लता मंगेशकर ने अपने भाई को मनाया और वह एक टूर के लिए यूएस चली गईं और उन्हें पता चला कि राज कपूर ने उनके भाई को पीछे से रिप्लेस कर दिया और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल को ले लिया है.
सिंगर ने लिखा, "यह मेरे लिए बहुत शर्मनाक था. हृदयनाथ ने मुझे फोन करके कहा कि वह मेरी वजह से फिल्म के लिए राजी हुए. लेकिन अखबारों में कुछ और ही लिखा जा रहा था. वह नाराज और शर्मिंदा थे. मैं राज जी से बहुत नाराज थी. वापस आने पर मैंने उन्हें फोन करके कहा 'आपने ऐसा क्यों किया? मैंने उन्हें इसलिए मनाया क्योंकि आपने मुझसे कहा था',". वहीं किताब की लेखिका और राज की बेटी रितु ने लिखा कि यह दोनों के बीच विवाद का कारण बन गया. उन्होंने लिखा, "लता ने राज कपूर को परेशान करना शुरू कर दिया. उन्होंने भविष्य में गाए जाने वाले गानों के लिए उनसे रॉयल्टी मांगना शुरू कर दिया, जैसा कि उन्होंने अन्य निर्माताओं के साथ किया था. वह अधिक पैसे चाहती थीं और यहां तक कि उनके लिए रिकॉर्डिंग में देरी भी करती थीं."
इस अनबन को सुलझाने के लिए पंडित नरेंद्र शर्मा, जो लता जी के लिए पिता समान थे. उन्होंने सिंगर को मनाया और सत्यम शिवम सुंदरम के लिए गाने को कहा यह कहते हुए कि उनके अलावा कोई इस गाने के लिए फिट नहीं बैठेगा. लेकिन लता ने एक शर्त रखी कि वह स्टूडियो में किसी के साथ बात नहीं करेंगी. इतना ही नहीं उन्होंने अपनी रिकॉर्डिंग के दौरान लक्ष्मीकांत प्यारेलाल से राज कपूर के स्टूडियो में आने तक भी बैन लगाने के लिए कहा.
लता मंगेशकर ने याद किया, मैंने गाना गाया और सीधा कार में बिना किसी से बात करे बैठ गई. बॉबी बन रही थी, मैंने राज कपूर को फोन करके बताया कि गायकों के संगठन ने सिंगर्स को सीधे निर्माताओं से रॉयल्टी लेने को कहा है। उन्होंने तुरंत जवाब दिया और कहा, मैं यहां बिजनेस करने आया हूं. रॉयल्टी बांटने नहीं. इसके जवाब में मैंने कहा, आप बिजनेस करने आए हैं और मैं रानी बाघ आई हूं.
इसके बाद जब दोनों के बीच अनबन ज्यादा बढ़ गई तो राज कपूर ने लक्ष्मीकांत प्यारेलाल से गुजारिश की कि उनके बीच की कोल्ड वॉर को खत्म करें. लता मंगेशकर ने उनकी कोशिशों को कुछ समय तक इग्नोर किया. लेकिन राज कपूर ने उन्हें कॉल किया और कहा, अगर तुम मेरी फिल्म के लिए गाना नहीं गाओगी. मैं आपके घर के सामने तंबू लगा के बैठूंगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं