13 साल की एक लड़की ने जब पहली बार कैमरे का सामना किया था, तब शायद उसे भी अंदाजा नहीं था कि एक दिन पूरा साउथ सिनेमा उसके नाम से गूंजेगा. पढ़ाई बीच में छूट गई लेकिन सपनों की उड़ान नहीं रुकी. बड़े पर्दे पर उन्होंने सिर्फ रोमांटिक रोल ही नहीं किए, बल्कि ऐसे दमदार किरदार निभाए जिन्होंने उन्हें बाकी फीमेल स्टार्स से अलग पहचान दिलाई. एक दौर ऐसा भी आया जब लोग फिल्म में हीरो से ज्यादा उनका इंतजार करते थे. यही वजह रही कि उन्हें 'लेडी सुपरस्टार' और 'लेडी अमिताभ' जैसे नाम मिले. आज हम बात कर रहे हैं विजया शांति की, जो 24 जून को अपना 60वां जन्मदिन मना रही हैं.
13 साल की उम्र में शुरू हुआ सफर
विजया शांति ने बहुत कम उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रख लिया था. सिर्फ 13 साल की उम्र में उन्होंने तमिल फिल्म कल्लुकुल ईरम से अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद तेलुगु फिल्म खिलाड़ी कृष्णुडु में नजर आईं, जिसमें उनके साथ सुपरस्टार कृष्णा थे. फिल्मों में काम बढ़ता गया और इसी वजह से उनकी पढ़ाई पीछे छूट गई. वो 10वीं के बाद अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं, लेकिन फिल्मों में उन्होंने लगातार नई ऊंचाइयां हासिल कीं.

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200 से ज्यादा फिल्मों में दिखाया दम
विजया शांति का करियर चार दशक से भी ज्यादा लंबा रहा है. उन्होंने तेलुगु, तमिल, हिंदी, कन्नड़ और मलयालम भाषा की 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. खास बात यह रही कि उन्होंने खुद को सिर्फ ग्लैमरस रोल तक नहीं रखा. कभी रोमांस से लोगों का दिल जीता तो कभी ऐसे किरदार निभाए जिनमें ताकत, हिम्मत और जज्बा साफ नजर आया. यही वजह रही कि दर्शकों के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री ने भी उन्हें खूब प्यार दिया.
कैसे मिला 'लेडी अमिताभ' का नाम?
80 और 90 के दशक में विजया शांति का स्टारडम अपने चरम पर था. कई फिल्मों में उनका रोल इतना दमदार होता था कि पूरी कहानी उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमती थी. एक्शन सीन हो या पावरफुल डायलॉग, वह हर बार स्क्रीन पर छा जाती थीं. उनकी इसी इमेज ने उन्हें 'लेडी अमिताभ' का नाम दिलाया. बॉक्स ऑफिस पर भी उनकी फिल्मों ने शानदार कमाई की और कई रिकॉर्ड बनाए. अपने करियर में उन्होंने नेशनल अवॉर्ड के साथ कई नंदी अवॉर्ड भी जीते.
फिल्मों के बाद राजनीति में भी बनाई पहचान
फिल्मों में नाम कमाने के बाद विजया शांति ने राजनीति की राह चुनी. साल 1998 में उन्होंने बीजेपी के साथ अपना राजनीतिक सफर शुरू किया. बाद में तेलंगाना आंदोलन से जुड़ीं और 2005 में अपनी पार्टी 'तल्ली तेलंगाना' भी बनाई. कुछ समय बाद उनकी पार्टी का विलय टीआरएस में हो गया और वो तेलंगाना आंदोलन का बड़ा चेहरा बन गईं.

2009 में मेडक सीट से लोकसभा चुनाव जीतकर वह संसद पहुंचीं. इसके बाद उनका राजनीतिक सफर कई मोड़ों से गुजरा. कभी टीआरएस के साथ रहीं, कभी कांग्रेस में गईं और फिर बीजेपी में लौट आईं. साल 2023 में उन्होंने एक बार फिर कांग्रेस का हाथ थाम लिया. आज भी वह राजनीति में अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं.
आज भी कायम है क्रेज
भले ही विजया शांति अब फिल्मों में पहले की तरह नजर नहीं आतीं, लेकिन उनका स्टारडम आज भी बरकरार है. साउथ सिनेमा में उनका नाम उन चुनिंदा फीमेल स्टार्स में लिया जाता है जिन्होंने अपने दम पर फिल्में हिट कराईं. 13 साल की उम्र से शुरू हुआ उनका सफर आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बना हुआ है.
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