कुछ गाने वक्त के साथ पुराने नहीं होते, बल्कि और ज्यादा गहरे हो जाते हैं. लता मंगेशकर की आवाज में गाया गया “चंदा है तू मेरा सूरज है तू” ऐसा ही एक गाना है. 56 साल पहले रिलीज हुई फिल्म आराधना का ये गीत आज भी हर मां के दिल की धड़कन है. हर घर में कभी न कभी किसी मां ने इसे अपने बच्चे के लिए गुनगुनाया होगा. कहा जा सकता है कि ये महज एक गाना नहीं बल्कि एक मां का अपने बच्चे के लिए इमोशन बन चुका है.
कहा जाता है कि पुराने जमाने के गानों की बात ही अलग थी. उनकी सादगी, उनके बोल और उनके पीछे की भावना आज भी दिल को छू जाती है. और जब बात लता मंगेशकर की आवाज़ की हो, तो जादू अपने आप बन जाता है. उन्होंने फिल्मों में न जाने कितने लव सॉन्ग्स गाए, लेकिन उनके कुछ गाने ऐसे भी हैं जो मां और बच्चे के रिश्ते की गहराई को बयान करते हैं.
आराधना का “चंदा है तू मेरा सूरज है तू” सिर्फ एक लोरी नहीं है, बल्कि एक मां की भावनाओं का आईना है. लता जी ने इस गाने में वो ममता भर दी कि सुनने वाला खुद को उस बच्चे की जगह महसूस करने लगता है जिसे उसकी मां प्यार से सुला रही है.
दिल को छूते हैं गाने के बोल
आराधना मूवी 1969 में रिलीज हुई थी. फिल्म का निर्देशन शक्ति सामंत ने किया था और इसमें राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर ने लीड रोल निभाया था. संगीत एस.डी. बर्मन का था और गीत आनंद बक्शी ने लिखे थे. इन तीन दिग्गजों की जुगलबंदी ने इस गीत को अमर बना दिया. फिल्म में सुजित कुमार, फरीदा जलाल, अशोक कुमार और अभी भट्टाचार्य जैसे कलाकारों ने भी अहम किरदार निभाए थे.
“चंदा है तू…” सिर्फ एक गाना नहीं, एक एहसास है. आज भी जब कोई मां अपने बच्चे को सुलाती है या स्कूल के लिए तैयार करती है, तो कहीं न कहीं ये गाना ज़रूर बजता या गुनगुनाया जाता है. ये वही धुन है जिसने 56 साल पहले सिनेमा हॉल में बैठे दर्शकों को रुला दिया था और आज भी सुनने वालों के दिल में वही नर्मी छोड़ जाती है. लता मंगेशकर और एस डी बर्मन अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज़, उनके गाने और उनकी ममता हर उस मां में ज़िंदा हैं जो अपने बच्चे के लिए प्यार जताने के लिए यही बोल दोहराती है- “चंदा है तू मेरा सूरज है तू…”
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