Drishyam 3 Review: मोहनलाल की फिल्म दृश्यम 3 रिलीज हो गई है. पहली दो फिल्मों ने दर्शकों को काफी पसंद किया था. अब तीसरी फिल्म में जॉर्जकुट्टी (मोहनलाल) और उनका परिवार फिर से स्क्रीन पर आया है. निर्देशक जीतू जोसेफ ने इस सीरीज को आगे बढ़ाया है, लेकिन इस बार कहानी में पहले जितना रोमांच कम दिखता है. फिल्म की शुरुआत में जॉर्जकुट्टी अब एक सफल फिल्म प्रोड्यूसर बन चुके हैं. उन्होंने अपनी असली कहानी पर आधारित फिल्म दृश्यम बनाई, जो 100 करोड़ क्लब में शामिल हो गई. परिवार अब पहले से बेहतर जीवन जी रहा है, लेकिन पुरानी घटना का डर अभी भी उनके सिर पर मंडरा रहा है. जॉर्जकुट्टी की बेटी अंजू थेरेपी ले रही है और उसकी शादी की चिंता परिवार को सताती रहती है. रानी (मीना) पत्नी के रूप में परिवार को संभालने की कोशिश करती है.
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ट्विस्ट कम और कहानी लंबी
जॉर्जकुट्टी को लगातार शक होता है कि कोई उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहता है. क्या यह शक सही है? क्या परिवार को आखिरकार शांति मिलेगी? ये सवाल फिल्म में उठाए गए हैं. पहली और दूसरी फिल्म में ट्विस्ट और सस्पेंस दर्शकों को बांधे रखते थे. लेकिन दृश्यम 3 में शुरुआती आधा हिस्सा काफी धीमा है. ट्विस्ट कम हैं और कहानी लंबी लगती है. पटकथा में वो तीखापन नहीं दिखता जो पहले वाले पार्ट्स में था. फिल्म लंबी होने के कारण दर्शकों की धैर्य की परीक्षा लेती है. हालांकि क्लाइमेक्स में फिल्म थोड़ी तेज होती है और टेंशन बढ़ता है.
मोहनलाल अकेले संभाली फिल्म
इस फिल्म को मोहनलाल अकेले संभाल लेते हैं. उन्होंने जॉर्जकुट्टी के किरदार को बहुत अच्छे से निभाया है. उम्र बढ़ने के साथ थकान, डर और परिवार की चिंता उनके चेहरे, नजरों और चुप्पी में साफ दिखती है. वह पिता के रूप में बेटियों की रक्षा के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं, लेकिन यह सफर अब उन्हें थका रहा है. मोहनलाल का अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है.
कैसी है दृश्यम 3
मीना, रानी के रोल में अच्छी लगी हैं. दोनों बेटियों के किरदार निभाने वाली अभिनेत्रियां अब बड़ी हो चुकी हैं और अपने रोल में फिट बैठती हैं. तकनीकी रूप से फिल्म ठीक है. सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी को सपोर्ट करते हैं, लेकिन एडिटिंग और थोड़ी कसी हुई होती तो बेहतर रहता. दृश्यम 3 परिवार की रक्षा, प्यार और नैतिक सवालों पर बात करती है. यह दिखाती है कि सही-गलत का फैसला हमेशा आसान नहीं होता. पहली दो फिल्मों जितना रोमांच भरा नहीं होने के बावजूद मोहनलाल के फैंस और सीरीज के दीवानों के लिए यह फिल्म देखने लायक है.
रेटिंग: 2.5 स्टार
कास्ट: मोहनलाल, मीना, अंसीबा हसन, एस्थर अनिल आदि
निर्देशक: जीतू जोसेफ
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