द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो के KidZ on Zee 5 पर रिलीज होने के साथ ही परिवार के साथ देखने के लिए एक और दिल छू लेने वाली कहानी दर्शकों के बीच आ गई है. बचपन की कल्पनाओं और जादुई दोस्ती से लेकर संवेदनशीलता, साहस और स्वीकार्यता जैसे भावों को सामने लाने वाली ये पांच फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ खूबसूरत संदेश भी देती हैं. ऐसे में अगर आप इस वीकेंड बच्चों और परिवार के साथ कुछ अच्छा देखने का प्लान बना रहे हैं, तो ये फिल्में आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए.
द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो – KidZ on Zee 5
दीपू एक छोटा बच्चा है, जो नए शहर में आने के बाद दोस्त बनाने के लिए संघर्ष करता है. अपने सहपाठियों के सामने वह कह देता है कि उसके दादाजी असल में एक सुपरहीरो हैं. शुरुआत में कही गई यह मासूम-सी बात जल्द ही एक रोमांचक सफर में बदल जाती है, जब उसके दादाजी भी इस कहानी का हिस्सा बनने का फैसला करते हैं. जैकी श्रॉफ ने दादाजी के किरदार में गर्मजोशी और आकर्षण जोड़ा है. फिल्म फैंटेसी, हास्य और भावनाओं के जरिए कल्पना की ताकत और दादा-पोते के खास रिश्ते को खूबसूरती से सामने लाती है. यह याद दिलाती है कि किसी पर विश्वास करना ही शायद सबसे बड़ी सुपरपावर है.
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कोई… मिल गया – Zee 5
रोहित मेहरा की जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल जाती है, जब एलियन से संपर्क करने के एक प्रयोग के दौरान उसकी मुलाकात जादू से होती है. इसके बाद दोनों के बीच एक अनोखी दोस्ती शुरू होती है. ऋतिक रोशन ने रोहित के किरदार की मासूमियत और संवेदनशीलता को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा है, वहीं प्रीति जिंटा भी उसके सफर का अहम हिस्सा हैं. फैंटेसी और एडवेंचर से आगे बढ़कर यह फिल्म दोस्ती, स्वीकार्यता और दूसरों को उनकी अलग पहचान के साथ समझने की बात करती है. फिल्म का संदेश साफ है कि हर किसी को समझे जाने और स्वीकार किए जाने का हक है.
तारे ज़मीन पर – Netflix
ईशान एक बेहद कल्पनाशील बच्चा है, लेकिन पढ़ाई में मुश्किलों के चलते वह लगातार अपने आसपास के लोगों द्वारा गलत समझा जाता है. उसकी जिंदगी तब बदलने लगती है, जब उसका आर्ट टीचर उसकी सीखने की परेशानियों को समझता है और उसे उसकी असली खूबियां पहचानने में मदद करता है. दर्शील सफारी ने ईशान के किरदार को यादगार बना दिया है, वहीं आमिर खान ने ऐसे शिक्षक की भूमिका निभाई है, जो बाकी लोगों को जहां समस्या नजर आती है, वहां एक बच्चे की क्षमता देखता है. यह फिल्म माता-पिता को सिर्फ नंबरों और तुलना से आगे बढ़कर अपने बच्चे को समझने और उसकी अलग पहचान को स्वीकार करने का संदेश देती है.
चिल्लर पार्टी – Amazon Prime Video
कुछ बेफिक्र बच्चों की जिंदगी तब बदल जाती है, जब उनके दोस्त के प्यारे कुत्ते भिड़ू के सामने एक बड़ा खतरा खड़ा हो जाता है. उसे बचाने की कोशिश में शुरू हुआ यह छोटा-सा मिशन जल्द ही बच्चों को एकजुट कर देता है और वे अपने दोस्त के लिए आवाज उठाने का फैसला करते हैं. इरफान खान और शानदार बाल कलाकारों से सजी यह फिल्म हास्य, दोस्ती और रोमांच के साथ टीमवर्क, साहस और जरूरतमंद के लिए खड़े होने की अहमियत बताती है. फिल्म यह भी याद दिलाती है कि बदलाव लाने के लिए बड़ा होना जरूरी नहीं है.
स्टैनली का डब्बा – YouTube
पार्थो गुप्ते स्टारर स्टैनली का डब्बा की कहानी एक होनहार स्कूली बच्चे स्टैनली के इर्द-गिर्द घूमती है, जो स्कूल में अपना लंच बॉक्स नहीं लाता और इसी वजह से उसे बार-बार परेशान किया जाता है. धीरे-धीरे उसके दोस्त समझने लगते हैं कि वह किन परिस्थितियों से गुजर रहा है. एक साधारण स्कूल लाइफ की कहानी से आगे बढ़ते हुए फिल्म दया, दोस्ती और संवेदनशीलता जैसे भावों को बेहद सहज तरीके से सामने लाती है. दिव्या दत्ता भी फिल्म में अहम भूमिका में हैं. यह फिल्म दर्शकों को किसी व्यक्ति को सिर्फ उसकी दिखाई देने वाली परिस्थितियों के आधार पर जज न करने और यह समझने की सीख देती है कि हम शायद कभी नहीं जान सकते कि सामने वाला किस दौर से गुजर रहा है. चाहे आप हंसी-मजाक से भरपूर फिल्म देखना चाहते हों, रोमांच पसंद करते हों या बच्चों के साथ ऐसी कहानी देखना चाहते हों, जो फिल्म खत्म होने के बाद भी बातचीत का हिस्सा बनी रहे, इन पांच फिल्मों में परिवार के हर सदस्य के लिए कुछ न कुछ खास है.
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