Nitish Kumar News: 20 साल रहे MLC और एक लाइन में दे दिया इस्तीफा, क्यों वायरल हो रहा नीतीश कुमार का ये लेटर? वजह कुछ और है

Nitish Kumar Resignation News: बिहार का अगला सीएम कौन होगा,इसपर तो बीजेपी-जदयू गठबंधन को तय करना है पर आज नीतीश कुमार का एक लाइन में दिया इस्तीफा काफी वायरल हो रहा है.

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  • नीतीश कुमार ने 20 वर्षों तक विधायक परिषद सदस्य रहने के बाद अपने इस्तीफे का पत्र सभापति को सौंप दिया है
  • उनका इस्तीफा केवल एक लाइन में लिखा गया जिसमें उन्होंने तिथि और सदन से त्याग की बात कही है
  • विधान परिषद और विधानसभा में इस्तीफा देने की प्रक्रिया एक समान है जिसमें कारण लिखना आवश्यक नहीं होता
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पटना:

Nitish Kumar Resignation News: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर मुहर लगने के बाद से एक सवाल जरूर पूछा जा रहा था कि बिहार के मुखिया एमएलसी पद कब त्यागेंगे या इस पद से कब इस्तीफा देंगे. तो वो घड़ी आज आ गई. नीतीश कुमार ने आज 20 साल एमएलसी रहने के बाद आज अपना इस्तीफा सभापति को सौंप दिया है. अब वह केवल सीएम हैं और राज्यसभा जाते ही ये पद भी उन्हें छोड़ना होगा. बिहार का अगला सीएम कौन होगा,इसपर तो बीजेपी-जदयू गठबंधन को तय करना है पर आज नीतीश कुमार का एक लाइन में दिया इस्तीफा काफी वायरल हो रहा है.

एक लाइन में सौंप दिया इस्तीफा 

नीतीश कुमार ने आज विधान परिषद की सदस्यता छोड़ते हुए अपना इस्तीफा मात्र एक लाइन में लिखकर सभापति को सौंप दिया. नीतीश ने लिखा कि मैं इसके द्वारा तिथि 30 मार्च 2026 से सदन से अपने स्थान का त्याग पत्र देता हूं... अब यह त्यागपत्र काफी वायरल हो रहा है. लोग जानने को उत्सुक हैं कि आखिर 20 सालों से यह विधान परिषद के सदस्य रहे नीतीश ने सिर्फ एक लाइन में क्यों इस्तीफा दे दिया. आपको यह समझने के लिए इसके पीछे के नियम को समझना होगा. 

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कैसे दिया जाता है इस्तीफा,क्या हैं नियम?

बिहार विधानसभा और विधान परिषद की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली अलग-अलग जरूर है, लेकिन सदस्यों के इस्तीफे की प्रक्रिया एक जैसी ही है. नियम के तहत अगर किसी सदस्य को इस्तीफा देना होता है तो उसे अध्यक्ष/ सभापति के नाम एक तय फॉर्मेट में अपने हाथ से लिखकर अपना इस्तीफा सौंपना होगा.अपने त्यागपत्र में वे कोई कारण नहीं लिखेंगे. वे बस यह लिखेंगे, "मैं इसके द्वारा तिथि ..... से सदन के अपने स्थान का त्याग करता हूं." उसके बाद अपना सिग्नेचर कर स्पीकर/ चेयरमैन को इस्तीफा सौंप देंगे.किसी भी सदस्य का इस्तीफा मिलते ही स्पीकर/ चेयरमैन सदन को सूचित करेंगे कि किसी सदस्य ने इस्तीफा दे दिया है.अगर इस्तीफा देने वाले सदस्य ने अपने त्याग पत्र में कोई कारण लिख दिया है तो उसे सदन में नहीं पढ़ा जाएगा. इस्तीफा मिलने की सूचना बिहार गजट में प्रकाशित की जाएगी और चुनाव आयोग को चुनाव कराने के लिए इसकी जानकारी दी जाएगी.
 

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