नीतीश कुमार ने 20 वर्षों तक विधायक परिषद सदस्य रहने के बाद अपने इस्तीफे का पत्र सभापति को सौंप दिया है उनका इस्तीफा केवल एक लाइन में लिखा गया जिसमें उन्होंने तिथि और सदन से त्याग की बात कही है विधान परिषद और विधानसभा में इस्तीफा देने की प्रक्रिया एक समान है जिसमें कारण लिखना आवश्यक नहीं होता