- बिहार विधानसभा में कानून-व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस हुई
- तेजस्वी यादव ने राज्य में बढ़ते अपराधों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की घटनाओं को गंभीर समस्या बताया है
- मंत्री विजय चौधरी ने विपक्ष को सदन में आकर सवाल करने और लोकतांत्रिक तरीके से बहस में भाग लेने की अपील की
बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर आज विधानसभा में सियासी माहौल पूरी तरह गरम रहा. गृह विभाग पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर तीखे आरोप लगाए, जबकि सत्तारूढ़ दल की ओर से मंत्री विजय चौधरी ने उनके बयानों पर पलटवार किया. सदन में हुई इस बहस के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है.तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में रोज हत्या, लूट, चोरी और महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं. उनके मुताबिक आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं और अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है.
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अचेत अवस्था में हैं और सरकार हालात पर नियंत्रण खो चुकी है. तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि जब से मुख्यमंत्री ने गृह विभाग अपने पास से छोड़ा है, तभी से राज्य में अपराध की घटनाओं में तेजी देखने को मिल रही है. उन्होंने कहा कि बिहार के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब नीतीश कुमार ने गृह विभाग अपने पास नहीं रखा. उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही गृह विभाग मुख्यमंत्री के हाथ से गया, वैसे ही कानून-व्यवस्था कमजोर पड़ गई और अपराधियों के हौसले बढ़ गए. उन्होंने इसे सरकार की बड़ी प्रशासनिक विफलता बताया.
तेजस्वी यादव के इन आरोपों पर मंत्री विजय चौधरी ने आज विधानसभा में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि आज गृह विभाग पर सदन में चर्चा हो रही है, लेकिन तेजस्वी यादव सदन में बोलने के बजाय ट्वीट करने और बाहर बयान देने में ज्यादा रुचि रखते हैं.विजय चौधरी ने कहा कि अगर विपक्ष को सच में कानून-व्यवस्था की चिंता है, तो उसे सदन के अंदर आकर नियमों के तहत अपनी बात रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और किसी भी मुद्दे से भाग नहीं रही है. मंत्री विजय चौधरी ने विपक्ष से अपील की कि लोकतांत्रिक तरीके से बहस में हिस्सा लिया जाए और सदन की गरिमा बनाए रखी जाए. उन्होंने कहा कि बाहर बयानबाजी करने से समस्याओं का समाधान नहीं निकलता. आज विधानसभा में हुई इस बहस के बाद बिहार की राजनीति में कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा हो गई है.
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