Success Story: मां टीचर, पिता समाजसेवी... AFMC से MBBS, अरवल की बेटी भारतीय सेना में बनीं लेफ्टिनेंट

कुर्था प्रखंड के लारी गांव की बेटी डॉ. शुभांगी कुमारी ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर गांव के साथ ही पूरे जिले का नाम रोशन किया है. पुणे के AFMC से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है. शुभांगी का सपना बचपन से ही डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना था.

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Success Story: डॉ. शुभांगी का लेफ्टिनेंट बनने का सफर एक छोटे से गांव से शुरू हुआ. (फोटो क्रेडिट- insta/Ranjeev kumar/apna_arwal_shahar)

Success Story: अरवल जिले की बेटी डॉ. शुभांगी कुमारी (Dr. Shubhangi Kumari Success Story) ने भारतीय सेना (Indian Army) में लेफ्टिनेंट बनकर बिहार का मान बढ़ाया है. पुणे के प्रतिष्ठित सशस्त्र सेना चिकित्सा महाविद्यालय (AFMC) से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है. 

पिता सामाजिक कार्यकर्ता, मां टीचर

डॉ. शुभांगी कुमारी बिहार के अरवल जिले के कुर्था प्रखंड के लारी गांव की रहने वाली है. उनके पिता राकेश कुमार सामाजिक कार्यकर्ता है और मां सविता देवी शिक्षिका है. वहीं दादा शिवपूजन शर्मा एसबीएएन कॉलेज लारी में प्रोफेसर के पद पर और वो रिटायर्ड हो चुके हैं. 

बचपन से ही शुभांगी कुमारी का सपना डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना था. इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने कड़ी मेहनत की और AFMC में दाखिला प्राप्त किया. वहीं MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय सेना की मेडिकल सेवा में जाने का निर्णय लिया.

गांव से शुरू हुआ सफलता का सफर

शुभांगी बचपन से ही मेधावी छात्रा रहीं... शुभांगी की प्रारंभिक शिक्षा लारी मध्य विद्यालय से हुई. इसके बाद उन्होंने DAV स्कूल जहानाबाद से दसवीं की पढ़ाई पूरी की. आगे की पढ़ाई आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित श्री चैतन्य संस्थान से की. इसके बाद राजस्थान के कोटा से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी की. फिर शुभांगी प्रतिष्ठित सशस्त्र सेना चिकित्सा महाविद्यालय (AFMC) पुणे से MBBS की पढ़ाई पूरी की. शुभांगी तीन बहनों में वह दूसरी हैं. बड़ी बहन पटना में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं.

दूसरे प्रयास में मिली सफलता

बता दें कि शुभांगी ने दूसरे प्रयास में मेडिकल प्रवेश परीक्षा में 650 अंक हासिल कर प्रतिष्ठित सशस्त्र सेना चिकित्सा महाविद्यालय (AFMC) पुणे में प्रवेश प्राप्त किया. वहीं MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनीं.

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इस सफलता से लारी गांव में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों ने NDTV से खास बातचीत में बताया कि शुभांगी बचपन से ही मेधावी छात्रा रहीं. उनकी इस उपलब्धि पूरे गांव के लिए गर्व का विषय है. ग्रामीणों ने कहा कि इस इलाके से पहली बार किसी बेटी ने ये हौसला और जज्बा दिखाया है. 

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