बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग (Vigilance) लगातार कार्रवाई कर रहा है. इस दौरान शुक्रवार (17 अप्रैल) को भी निगरानी टीम ने पूर्णिया में रिश्वतखोर राजस्व अधिकारी को गिरफ्तार किया है. दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले ही जिले में असिस्टेंट इंजीनियर को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. वहीं अब राजस्व अधिकारी अपनी महिला सहकर्मी के साथ 40000 रुपये रिश्वत लेते टैप हुआ है. इस मामले में महिला की हिम्मत की चर्चा हो रही है. जिसने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई और निगरानी विभाग में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.
विजिलेंस टीम ने पूर्णिया पूर्व प्रखंड में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी लाल बाबू रजक को गिरफ्तार किया है. 40 हजार रुपये की रिश्वत लेने में राजस्व कर्मचारी रजक के साथ उनके महिला सहकर्मी रूबी कुंडू को भी गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि आरोपी राजस्व कर्मचारी रजत अन्य लोगों से भी 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था. निगरानी विभाग के डीएसपी अमरेंद्र कांत विद्यार्थी गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि राजस्व कर्मचारी ने रिश्वत लेकर अपने सहकर्मी रूबी कुंडू को दे दिया, लिहाज़ा दोनों को गिरफ्तार किया गया है.
परिवादी महिला से मांगा गया था 50 हजार का रिश्वत
गुलाबबाग की रहने वाली ललिता देवी की साढ़े तीन कट्ठा जमीन को तकनीकी कारणों से राजस्व विभाग द्वारा रोक सूची में डाल दिया गया था. इस सूची ने जमीन को हटाने के लिए सभी जरूरी कागजातों के साथ ललिता अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रही थी. जिस पर राजस्व अधिकारी ने कहा कि 'दौड़ते रहिएगा... सारा उम्र निकल जाएगा फिर भी काम नहीं होगा. कुछ दीजिए तब काम होगा. ललिता ने बताया कि काम के लिए उससे 50 हजार रुपये की मांग की गई. जिसमें 40 हजार तत्काल देने और 10 हजार रुपये बाद में देने पर बात बनी.
वहीं इस मामले की शिकायत पहले ही निगरानी विभाग को की थी. इसके बाद ललिता देवी ने 40 हजार रुपये लेकर अपनी बहु के साथ आई थी. इसी दौरान रिश्वत देते समय निगरानी विभाग की टीम ने धावा बोल दिया.
एक दिन पहले ही असिस्टेंट इंजीनियर की गिरफ्तारी
इससे एक दिन पूर्व गुरुवार को पूर्णिया में पदस्थापत रहे आधारभूत शैक्षणिक संरचना निगम के सहायक अभियंता भूषण प्रसाद को 10 हजार रु रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग ने कटिहार में गिरफ्तार किया था. दरअसल, दो दिन पूर्व ही सहायक अभियंता का तबादला कटिहार हो गया था. लेकिन, पूर्णियां में पदस्थापन के दौरान कार्य के एवज में कमीशन की वसूली जारी थी और पूर्णिया के ही एक संवेदक की शिकायत पर निगरानी विभाग ने यह कार्रवाई की. इसके बाद पूर्णियां स्थित आवास पर निगरानी की घण्टो छापेमारी चलती रही थी.
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