"भरत भूषण के हत्‍या के बदले म‍िला प्रमोशन", एसडीपीओ राजेश शर्मा के DSP बनने पर पर‍िवार वालों का आरोप

ब‍िहार में 12 IPS और 53 DSP के तबादले हुए हैं. इसमें ज‍िस एक नाम की चर्चा सबसे अध‍िक है, वो राजेश शर्मा हैं, ज‍िन्‍हें नई तैनाती म‍िली है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
राजेश शर्मा को नई पोस्टिंग मिली.

भोजपुर में भरत भूषण एनकाउंटर मामले में नामजद आरोपी SDPO राजेश शर्मा को पटना में नई जिम्‍मेदारी म‍िल गई है. उन्हें अब मद्यन‍िषेध एवं राज्‍य स्‍वापक न‍ियंत्रण ब्‍यूरो का डीएसपी बनाया गया है. भरत भूषण एनकाउंटर मामले में FIR दर्ज होने के बाद उन्हें पुल‍िस मुख्‍यालय बुला ल‍िया गया था. अब उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने पर भरत भूषण त‍िवारी के पर‍िवार वालों ने आपत्‍ति‍ जताई है. उन्होंने कहा क‍ि भरत भूषण के हत्‍या के बदले पुल‍िस अध‍िकारी राजेश शर्मा को प्रमोशन म‍िला है. 

परिवार का आरोप है कि जिस अधिकारी के ख‍िलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है, उसे कार्रवाई के बजाय नई जिम्मेदारी सौंपना न्याय की भावना के विपरीत है. 

FIR के बाद हुए थे लाइन हाजिर 

भरत भूषण तिवारी के एनकांउटर के बाद परिजनों की शिकायत पर संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसके बाद तत्कालीन एसडीपीओ राजेश शर्मा को लाइन हाजिर कर द‍िया गया था. 

"न्याय की उम्मीद कम होती रहा जी"   

भरत भूषण के पिता काशीनाथ तिवारी ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद लगातार कम होती जा रही है. उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी पर हत्या जैसे गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज है, तो सामान्य रूप से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उसके ख‍िलाफ आवश्यक विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की उम्‍मीद होती है, लेकिन इसके विपरीत उसे नई जिम्मेदारी देना पीड़ित परिवार के लिए निराशाजनक है. 

Advertisement

"सरकार गंभीरता से नहीं ले रही"

काशीनाथ तिवारी ने कहा कि उनका परिवार न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखता है, लेकिन हालिया प्रशासनिक निर्णय से यह संदेश गया है कि सरकार और पुलिस विभाग मामले को उस गंभीरता से नहीं देख रहे हैं, जिसकी अपेक्षा की जा रही थी. उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी की मौत केवल उनके परिवार का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखने वाले समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण प्रश्न है.

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी 

उनका कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं होती, और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर उन्हें दंडित नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार सभी कानूनी विकल्पों का सहारा लेगा और न्यायालय में अपनी लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगा.  उनके अनुसार, न्याय में देरी होने के बावजूद वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और मामले को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने का प्रयास जारी रखेंगे. 

Advertisement

विभाग से नहीं आया कोई बयान 

राजेश शर्मा की नई पोस्‍टिंग को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिया गया निर्णय माना जा सकता है. हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है कि नई ज‍िम्‍मेदारी किन प्रशासनिक कारणों से की गई. ऐसे में पीड़ित परिवार और आम लोगों के बीच इस निर्णय को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं जारी हैं.  

पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित अधिकारियों की नई पोस्‍ट‍िंग को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए, ज‍िससे जांच की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे.

यह भी पढ़ें: बिहार में 12 IPS अफसर के ट्रांसफर, 53 DSP के भी तबादले, देखें पूरी लिस्ट

Featured Video Of The Day
चढ़ावा चोरी पर चर्चा के बीच क्यों भड़क उठे संत?
Topics mentioned in this article
Bihar
DSP
Bharat Tiwari Bhojpur Police Encounter
Bhojpur Administration
New Posting