NGO की आड़ में बाप-बेटे ने बनाई गैंग, रिटायर्ड बैंककर्मी को डिजिटल अरेस्ट कर ऐंठे 67 लाख रुपये

साइबर ठगी के मामले में पटना से पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपियों के बैंक खातों की पड़ताल में कई खुलासे हुए हैं. पढ़िए मणि भूषण शर्मा की रिपोर्ट.

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साइबर ठगी के आरोप में प्रियरंजन शर्मा और बेटा अनंत अभिषेक गिरफ्तार.

बिहार के मुजफ्फरपुर में बाप-बेटे ने रिटायर्ड बैंककर्मी से 67 लाख रुपये की ठगी कर ली. आरोपी प्रियरंजन शर्मा और उसका बेटा अनंत अभिषेक एनजीओ की आड़ में साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे. ठगों ने सुप्रीम कोर्ट, RBI, CBI और ED के नाम से फर्जी दस्तावेज भेजकर पीड़ित को डराया. दबाव में आकर पीड़ित ने 4 अप्रैल को 42 लाख और 6 अप्रैल को 25 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए. साइबर थाना पुलिस ने पिता-पुत्र के गिरोह का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. 

मनी लॉन्ड्रिंग केस का दिया हवाला 

रिटायर बैंककर्मी महेश गामी ने बताया कि 26 मार्च को उन्हें व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया. कॉलर ने खुद को CBI अधिकारी बताकर उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी गतिविधियों में होने का आरोप लगाया. इसके बाद ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 10 दिनों तक लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा. उन्हें घर से बाहर न निकलने और किसी को जानकारी न देने की धमकी दी गई.

100 से अधिक मामलों में कनेक्शन!

जांच में सामने आया कि आरोपियों के खातों से देशभर में 100 से अधिक शिकायतें जुड़ी हैं. पुलिस ने इनके पास से मोबाइल, लैपटॉप, बैंक दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है.

आरोपी की तलाश में पटना में की छापेमारी 

शिकायत मिलने के बाद डीएसपी (साइबर पुलिस) हिमांशु कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई. पुलिस ने पटना के राजीव नगर में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को धर-दबोचा. डीएसपी ने बताया कि 9 अप्रैल को शिकायत मिली थी. आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की जांच जारी है.

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