बिहार विधानसभा में धर्मांतरण के मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा हुआ. भाजपा के विधायक धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर आए. इस दौरान भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा और राजद विधायक आलोक मेहता में तीखी बहस हो गई. स्पीकर ने दोनों का माइक ऑफ रखा, लेकिन काफी देर तक दोनों एक दूसरे की तरफ उंगली दिखाकर आरोप-प्रत्यारोप करते रहे.
दरअसल, जीवेश मिश्रा ने कहा कि संविधान जाति बदलने की आजादी नहीं देता है और न ही जाति बदलने की. इस पर राजद विधायक आलोक मेहता ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन धर्म निरपेक्षता का ही हिस्सा है. इस पर दोनों में बहस होती रही.
क्या था ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
भाजपा के 18 विधायक धर्मांतरण के खिलाफ कानून की मांग को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर आए. उन्होंने लिखा "देश के कई प्रमुख राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात सहित अन्य प्रदेशों में धर्म परिवर्तन के विरूद्ध कड़े कानून लागू है. धोखाधड़ी, बाल-विवाह, प्रलोभन के माध्यम से धर्म परिवर्तन के विरूद्ध इस कानून के अन्तर्गत 01-10 या 20 वर्षों तक सजा का प्रावधान है और यह सभी अपराध गैर जमानती हैं. धर्मांतरण के कारण बिहार में मुसलमानों और ईसाई की जनसंख्या में असामान्य वृद्धि हुई है.
बिहार में 5000 चर्च, 143% से बढ़ रही ईसाई आबादी
विधायकों ने कहा कि बिहार में 5000 से अधिक चर्च की स्थापना हो चुकी है. ईसाईयों को राष्ट्रीय स्तर पर ग्रोथ रेट 15.52 प्रतिशत है. वही बिहार में 143.23 फीसदी है. इसी प्रकार सीमावर्ती कई जिलों के क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. बिहार राज्य के अन्तर्गत सभी जिलों में विवाह के बहाने धर्मातरण, बल-विवाह, प्रलोभन के माध्यम से धर्म परिवर्तन, ईसाई मिशनरियों और इस्लामिक धर्म गुरूओं द्वारा धड़ल्ले से कराया जा रहा है. इसके कारण सर्वाधिक SC/ST/EBC/OBC एवं सामान्य वर्गों की युवतियां ज्यादा शिकार हो रही हैं. अतः यूपी सहित देश के अन्य 11 राज्यों के तर्ज पर बल-विवाह, प्रलोभन, जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए कड़े कानून बनाए जाएं. सरकार ने कहा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं.
हालांकि इस पर गृह विभाग की तरफ से बोलते हुए मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि इस सरकार के पास धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. विधायकों के विरोध के बाद स्पीकर ने कहा, सरकार समीक्षा करे. जरूरी हो तो कानून बनाए. सरकार के जवाब पर विधायकों ने सख्त विरोध जताया.
विधायक संजय सिंह ने कहा कि यह विचार परिवर्तन है, राष्ट्रांतरण हैं. जीवेश मिश्रा ने यादव समाज की लड़की को मोहम्मद सितारे, जो दो बच्चे के पिता है, वह लेकर भाग गया है. यह लव जिहाद का मामला है. मैं इसके खिलाफ मांग कर रहा हूं. इस तरह के कानून दूसरे राज्यों में हैं. हमारी मांग है कि इस पर कड़ा कानून बनाया जाए. विधायकों की मांग पर स्पीकर प्रेम कुमार ने कहा कि सरकार इसकी समीक्षा करे. और अगर जरूरत पड़े तो कानून बनाए.













