लालू-तेजस्वी को धृतराष्ट्र-दुर्योधन कहने पर भड़के खेसारी, मैथिली ठाकुर को दी 'संस्कार' और 'ज्ञान' की नसीहत

खेसारी लाल यादव ने कहा कि ऐसे शब्द उनको नहीं इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि एक बड़े भाई के तौर पर हमेशा से तेजस्वी जी एक इंसान के तौर पर देखे जाएं तो हैं,और उनके भी पिता तुल्य माननीय लालू प्रसाद यादव जी हैं.

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  • अलीनगर विधानसभा से बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने लालू प्रसाद को धृतराष्ट्र और तेजस्वी यादव को दुर्योधन कहा है.
  • खेसारी लाल यादव ने मैथिली ठाकुर की कम उम्र और ज्ञान की कमी का हवाला देते हुए उनकी टिप्पणियों की आलोचना की है.
  • खेसारी ने तेजस्वी यादव को बड़े भाई के रूप में सम्मानित करते हुए अशिष्ट भाषा के प्रयोग से मना किया है.
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पटना:

बिहार के अलीनगर विधानसभा से बीजेपी के विधायक मैथिली ठाकुर ने विधानसभा में लालू प्रसाद यादव को धृतराष्ट्र और तेजस्वी यादव को दुर्योधन कहा है. अब इसपर खेसारी लाल यादव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि उनकी ज्ञान बहुत कम है और कम उम्र में उपलब्धियां मिल जाती हैं, तो इंसान ऐसे ही बोलता है. राजनीति में पढ़े-लिखे लोगों की जरूरत है और जिनको देश-दुनिया की जानकारी है, उनको एक पद मिलना चाहिए. उनपर मैं टिप्पणी नहीं करूंगा क्योंकि एक कलाकार भी हैं.

खेसारी लाल यादव ने कहा कि ऐसे शब्द उनको नहीं इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि एक बड़े भाई के तौर पर हमेशा से तेजस्वी जी एक इंसान के तौर पर देखे जाएं तो हैं,और उनके भी पिता तुल्य माननीय लालू प्रसाद यादव जी हैं. तो ऐसी भाषा का प्रयोग उनको बिल्कुल नहीं करना चाहिए. राजनीति में आने का मतलब ये नहीं कि हम इंसानियत खो जाएं, संस्कार भूल जाएं.

राजनीति अच्छी बात है, आपको भलाई के लिए दुनिया ने चुना है तो उस पर आप कार्य करिए. किसी को छोटा बनाने और किसी को गलत बोल देने से हमें नहीं लगता कि लोगों का उपकार होने वाला है. बिहार की उन्नति, बिहार में काम करने से होती है. किसी को बुरा और भला बोलने से बिहार की उन्नति नहीं होने वाली है.

खेसारी लाल यादव

भोजपुरी कलाकार

मनोज तिवारी ने गाने के पर क्या बोले खेसारी लाल यादव? 

खेसारी लाल यादव ने कहा कि उनका अपना सोच हो सकता है. वो जहां हैं, उनके लिए बेहतर है, मैं जहां हूं, मेरे लिए बेहतर है. अब उनके शब्दों के साथ मैं नहीं जाता, क्योंकि उनसे मेरा व्यक्तिगत एक रिलेशन है और बड़े भाई के तौर पर हमेशा से उनको मैं प्यार करता हूं और वो राजनेता हैं. तो राजनेता ऐसे बोलते रहते हैं तो उनके शब्दों पर मैं नहीं जाता. मुझे लगता है कि बड़े भाई के तौर पर हमेशा से उनका सम्मान मैंने किया है और आजीवन करता रहूंगा.

काजल राघवानी पर क्या बोले खेसारी? 

खेसारी लाल यादव ने कहा कि नहीं, मैंने तो नहीं सुना है. आप लोगों ने सुना होगा, क्योंकि उन्होंने ही पहले मना किया था कि 'नहीं, मैं आजीवन उनके साथ काम नहीं करूंगी. तो शायद अब उनका अपना विचारधारा हो, बदल गया हो या अब क्या सिचुएशन था नहीं पता, बट वेलकम है. अगर वो करना चाहती हैं तो मैं किसी को मना करने वाला कौन होता हूं? मैं इतना बड़ा नहीं हूं.

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