बिहार के बांका जिले के शम्भूगंज में गुरुवार की शाम उस वक्त चर्चा का माहौल बन गया, जब एक प्रेमी युगल ने सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विवाह रचा लिया. शादी के तुरंत बाद संभावित विवाद और परिजनों के विरोध की आशंका को देखते हुए दोनों सीधे थाने पहुंच गए. प्रेमी युगल के अचानक थाना पहुंचने से कुछ देर के लिए पुलिस भी हैरान रह गई. पुलिस के सामने दोनों ने साफ कहा, कि वे पिछले चार वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और बिना किसी दबाव, डर या प्रलोभन के अपनी मर्जी से मंदिर में विवाह किया है.
इंटरनेट से शुरू हुआ रिश्ता
जानकारी के अनुसार, करसोप गांव निवासी बिरेंद्र सिंह के पुत्र धर्मवीर कुमार और रायपुरा निवासी राघव की पुत्री कुमकुम के बीच इंटरनेट मीडिया के माध्यम से बातचीत शुरू हुई थी. धीरे-धीरे बातचीत गहरी दोस्ती में बदली और फिर यही दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई. दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं, लेकिन जब यह बात दोनों परिवारों तक पहुंची तो परिजनों ने रिश्ते का कड़ा विरोध किया. उस समय कुमकुम नाबालिग थी, जिस कारण दोनों ने शादी का फैसला टाल दिया और बालिग होने का इंतजार करने का निर्णय लिया.
बालिग होते ही रचाई शादी
जैसे ही कुमकुम 18 वर्ष की हुई, दोनों ने विवाह की योजना बना ली. करीब एक माह पहले परीक्षा फॉर्म भरने का बहाना बनाकर कुमकुम घर से अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र लेकर निकली और बाजार में पहले से मौजूद धर्मवीर के साथ सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंच गई. वहां शिव-पार्वती को साक्षी मानकर दोनों ने विधिवत विवाह कर लिया. शादी के बाद किसी तरह की अनहोनी की आशंका को देखते हुए प्रेमी युगल खुद ही थाना पहुंच गया और पुलिस को पूरी जानकारी दी.
पुलिस ने दी हिदायत
थानाध्यक्ष बबलू कुमार ने बताया, कि युवक-युवती ने अपनी मर्जी से विवाह करने की बात कही है. पुलिस ने दोनों को समझा-बुझाकर उनके स्वजनों के पास भेज दिया और दोनों पक्षों के परिजनों को बुलाकर साफ निर्देश दिए कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए. थानाध्यक्ष ने यह भी कहा, कि माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं और उनके हित में निर्णय लेना चाहते हैं. फिलहाल मामला शांत है, लेकिन पुलिस की नजर प्रेमी युगल और उनके परिजनों पर बनी हुई है.
इनपुट: दीपक कुमार, बांका














